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त्योहारी सीजन में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट जारी

त्योहारी सीजन के बीच सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है। अमेरिका में महंगाई दर और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर बढ़ाने की संभावनाओं के चलते कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। जानें कि कैसे यह गिरावट उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद हो सकती है और बाजार में आगे क्या संभावनाएं हैं।
 

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट

नई दिल्ली - त्योहारी मौसम के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है। शुक्रवार को, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमती धातुओं पर दबाव देखा गया। अमेरिका में महंगाई दर की अपेक्षा से अधिक रहने, फेडरल रिजर्व द्वारा दिसंबर में ब्याज दर बढ़ाने की संभावनाओं और ऊंची बॉंड यील्ड के कारण एमसीएक्स पर सोने और चांदी में 3,000 रुपए तक की गिरावट आई। यह गिरावट धनतेरस और दिवाली से पहले खरीदारी कर रहे उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद साबित हो रही है।


अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स में सोने की कीमत लगभग 0.28 प्रतिशत गिरकर 4,020 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई, जबकि चांदी 1.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ 51.750 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी कोर पीसीई महंगाई सितंबर में 0.3 प्रतिशत बढ़ी, जिससे वार्षिक दर 3.1 प्रतिशत हो गई। इसके साथ ही, तीसरी तिमाही में अमेरिकी अर्थव्यवस्था की 3.4 प्रतिशत वृद्धि ने संकेत दिया है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है। बाजार अब दिसंबर में फेड द्वारा दर बढ़ोतरी की संभावना को 80 प्रतिशत से अधिक मान रहा है, जिससे सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों पर दबाव बना हुआ है।


भारतीय बाजार में भी वैश्विक कमजोरी का असर देखने को मिला। घरेलू बाजार में सोने की कीमत 1.42 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत 1.86 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के आसपास रही। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना अपने पिछले बंद भाव 1,42,596 से 800 रुपए या 0.59 प्रतिशत गिरकर 1,41,753 रुपए प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर पर पहुंच गया। चांदी में भी बड़ी गिरावट आई, जो अपने पिछले बंद भाव 1,89,453 रुपए से 3,730 रुपए या 1.96 प्रतिशत गिरकर 1,85,723 रुपए प्रति किलोग्राम के निचले स्तर पर आ गई।


तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, सोना फिलहाल 1.40 लाख रुपए से 1.41 लाख रुपए के महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन के करीब है। यदि यह स्तर टूटता है, तो कीमतें 1.37 लाख रुपए से 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक गिर सकती हैं। चांदी के लिए 1.83 लाख रुपए से 1.85 लाख रुपए प्रति किलोग्राम अगला प्रमुख सपोर्ट माना जा रहा है। लगातार गिरावट के बाद चांदी अब अपने लाइफ टाइम हाई लेवल से आधे से भी कम भाव पर आ गई है। इस वर्ष जनवरी के अंत में चांदी ने 4 लाख रुपए का ऐतिहासिक स्तर पार किया था, लेकिन अब यह अपने उच्चतम स्तर से आधे से भी कम कीमत पर मिल रही है।


विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान स्तर लंबी अवधि के निवेशकों और त्योहारी खरीदारी करने वाले उपभोक्ताओं के लिए आकर्षक हो सकते हैं। हालांकि, अल्पकाल में फेडरल रिजर्व की नीति, डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी बॉंड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतें बाजार की दिशा तय करेंगी।


इस बीच, कच्चे तेल की कीमतें भी चर्चा में हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े घटनाक्रमों के कारण तेल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। ऊंचे तेल दाम महंगाई को बढ़ा सकते हैं, जिससे केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती टाल सकते हैं। यही कारण है कि निवेशक सोने और चांदी में फिलहाल सतर्क बने हुए हैं।


विशेषज्ञों के अनुसार, अब सबकी नजरें फेड की 8-9 दिसंबर की बैठक और महंगाई तथा रोजगार से जुड़े अगले आंकड़ों पर टिकी हैं। यदि आने वाले आंकड़े कमजोर रहते हैं और ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदें कम होती हैं, तो सोने और चांदी में रिकवरी आ सकती है। वहीं, यदि आंकड़े मजबूत आते हैं, तो नुकसान और बढ़ सकता है, जिसमें चांदी के सोने की तुलना में तेजी से गिरने की आशंका है।