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EPFO की नई योजना: निष्क्रिय खातों में जमा राशि पर चिंता

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने हाल ही में निष्क्रिय ईपीएफ खातों में जमा राशि के बारे में चिंताजनक आंकड़े साझा किए हैं। 31 मार्च 2026 तक, 30,91,862 खातों में लगभग 9,330 करोड़ रुपये बिना दावे के पड़े हैं। यह राशि कई सरकारी योजनाओं के बजट के बराबर है। जानें कि क्यों यह मुद्दा कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है और उन्हें अपने खातों की स्थिति की नियमित जांच क्यों करनी चाहिए।
 

नई दिल्ली में EPFO की महत्वपूर्ण जानकारी


नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने हाल ही में 2026 के लिए लागू की गई नई ईपीएफ योजना के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। आरटीआई के माध्यम से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, देश में लाखों ईपीएफ खाते ऐसे हैं जिनमें जमा राशि वर्षों से बिना दावे के पड़ी हुई है, जिससे सेवानिवृत्ति बचत प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं।


निष्क्रिय खातों में बड़ी राशि

31 मार्च 2026 तक, देश में 30,91,862 निष्क्रिय ईपीएफ खातों में लगभग 9,330 करोड़ रुपये जमा थे। यह जानकारी आरटीआई के जवाब में सामने आई है। पिछले वित्त वर्ष की तुलना में, खातों की संख्या और राशि दोनों में कुछ कमी आई है। 2025 में ऐसे खातों की संख्या 31.83 लाख थी, जबकि इनमें 10,181 करोड़ रुपये पड़े थे। फिर भी, यह राशि अब भी काफी बड़ी मानी जा रही है।


राशि का महत्व

विशेषज्ञों के अनुसार, 9,330 करोड़ रुपये का यह आंकड़ा कई सरकारी योजनाओं के बजट के बराबर है। यह राशि क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना उड़ान पर हुए कुल सरकारी खर्च के करीब है। महंगाई को ध्यान में रखते हुए, इस राशि से लगभग तीन नए आईआईटी संस्थान स्थापित किए जा सकते हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि कर्मचारियों की बड़ी बचत अब भी निष्क्रिय खातों में फंसी हुई है।


गोपनीय जानकारी का मुद्दा

आरटीआई में आधार से जुड़े निष्क्रिय खातों और पांच लाख रुपये से अधिक राशि वाले खातों का विवरण भी मांगा गया था। हालांकि, EPFO ने इन सूचनाओं को साझा नहीं किया। संस्था का कहना है कि कुछ जानकारी गोपनीय श्रेणी में आती है, जबकि कुछ आंकड़े मांगे गए प्रारूप में उपलब्ध नहीं हैं। इससे यह मुद्दा और महत्वपूर्ण हो जाता है कि कर्मचारी समय-समय पर अपने ईपीएफ खातों की स्थिति की जांच करते रहें।