EPFO में वेतन सीमा में बदलाव: जानें नए नियमों का प्रभाव
नई दिल्ली में EPFO के नए नियम
नई दिल्ली: यदि आपकी मासिक आय 15,000 रुपये से अधिक और 25,000 रुपये तक है, तो इस बार आपकी सैलरी स्लिप देखकर आप थोड़े हैरान हो सकते हैं। दरअसल, EPFO ने अनिवार्य EPF कवरेज की वेतन सीमा में महत्वपूर्ण बदलाव किया है, जिसका सीधा असर आधे महीने पुराने और आधे महीने नए नियमों पर आधारित गणना पर पड़ रहा है। नए नियम के लागू होने से पहले जो कर्मचारी वेतन सीमा के बाहर थे, वे अब इस दायरे में आ गए हैं। हालांकि, सितंबर महीने में उनकी कटौती किस आधार पर होगी, यह उनकी पुरानी सदस्यता स्थिति पर निर्भर करेगा। आइए इसे तीन अलग-अलग उदाहरणों के माध्यम से समझते हैं।
पहली बार EPF सदस्य बने कर्मचारी
मान लीजिए, किसी कर्मचारी की सैलरी 20,000 रुपये है और वह 16 सितंबर तक EPF का सदस्य नहीं था। ऐसे कर्मचारियों के लिए महीने के पहले हिस्से यानी 1 से 16 सितंबर तक कोई कटौती नहीं होगी। केवल 17 से 30 सितंबर के 14 दिनों की सैलरी पर ही गणना की जाएगी, जो लगभग 9,333 रुपये बनती है। इस पर कर्मचारी का 12 प्रतिशत हिस्सा यानी करीब 1,120 रुपये कटेगा।
पहले से PF सदस्य, अब EPS में शामिल
दूसरी स्थिति उन कर्मचारियों की है, जो पहले से EPF में थे लेकिन EPS में 17 सितंबर से जुड़े हैं। ऐसे कर्मचारियों की पूरी महीने की सैलरी यानी 20,000 रुपये पर 12 प्रतिशत कटौती होगी, जो 2,400 रुपये बनती है। कंपनी की तरफ से भी महीने के दोनों हिस्सों के लिए अलग-अलग योगदान जाएगा, जिससे कुल मिलाकर EPF-EPS में लगभग 4,800 रुपये का योगदान बनता है।
पुराने सदस्यों का अलग हिसाब
तीसरी स्थिति उन लोगों की है, जो पहले से EPF और EPS दोनों में शामिल थे। इनके लिए महीने को दो हिस्सों में बांटा जाएगा। 1 से 16 सितंबर तक पुरानी 15,000 रुपये की सीमा और 17 से 30 सितंबर तक नई सैलरी के आधार पर गणना होगी। दोनों को जोड़ने पर कुल सैलरी लगभग 17,333 रुपये बनती है, जिस पर 12 प्रतिशत यानी 2,080 रुपये कर्मचारी का योगदान होगा।
EPF, EPS और EDLI का महत्व
कर्मचारियों के लिए यह समझना आवश्यक है कि EPF, EPS और EDLI का उद्देश्य अलग-अलग है। कर्मचारी की सैलरी से 12 प्रतिशत सीधे EPF में जाता है, जबकि कंपनी का योगदान EPF और EPS में बंटता है। EDLI का पैसा कंपनी देती है और यह जीवन बीमा से जुड़ा लाभ है, जो PF खाते में नहीं जुड़ता। इसलिए केवल नई वेतन सीमा देखकर यह मान लेना गलत होगा कि सभी की कटौती समान होगी। बेहतर होगा कि कर्मचारी अपनी सैलरी स्लिप और EPFO रिकॉर्ड की जांच अवश्य करें।