Flipkart के विवादास्पद विज्ञापन पर देशभर में उठी आलोचना
Flipkart के विज्ञापन पर विवाद
सोशल मीडिया पर एक विवादास्पद विज्ञापन के कारण Flipkart को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। यह विज्ञापन, जो कि AI द्वारा निर्मित प्रतीत होता है, शोक संदेशों की शैली में तैयार किया गया है, जिससे लोगों में नाराजगी फैल गई है। यह विज्ञापन Flipkart के फ्रीडम सेल से संबंधित है, जिसमें शोक संदेशों की तरह विजुअल्स का उपयोग किया गया है।
श्रद्धांजलि की शैली में विज्ञापन
इस विज्ञापन में जीवित व्यक्तियों की तस्वीरें श्रद्धांजलि देने वाले बॉक्स में प्रदर्शित की गई हैं। विज्ञापन में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि कंपनी को कोई दुख नहीं है और यह बताया गया है कि भले ही विज्ञापन में दिखाए गए लोग जीवित हैं, लेकिन Flipkart की डील्स समाप्त होने वाली हैं, क्योंकि सेल का अंतिम दिन नजदीक है।
सोशल मीडिया पर आलोचना
इस विज्ञापन के खिलाफ सोशल मीडिया पर तीव्र प्रतिक्रिया आई है। कई उपयोगकर्ताओं ने इसे असंवेदनशील और अनुचित बताया है। लेखिका शोभा डे ने भी इस विज्ञापन की आलोचना की और ग्राहकों से Flipkart का बहिष्कार करने की अपील की।
उन्होंने लिखा, 'सबसे ज्यादा स्वार्थी, घिनौना और असंवेदनशील विज्ञापन! तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई @Flipkart। तुम्हें शर्म आनी चाहिए!! उम्मीद है कि तुम्हारी 'सेल' फ्लॉप हो जाएगी और ग्राहक तुम्हारा बहिष्कार करेंगे।'
मार्केटिंग पर सवाल
यह स्पष्ट नहीं है कि विज्ञापन में दिखाए गए लोग असली हैं या नहीं। कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने यह भी सवाल उठाया कि क्या यह विज्ञापन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाया गया था। हालांकि, आलोचना का मुख्य केंद्र मार्केटिंग के लिए मृत्यु और श्रद्धांजलि से संबंधित तस्वीरों का उपयोग करने का निर्णय था।
असंवेदनशीलता की आलोचना
एक उपयोगकर्ता ने लिखा, 'हद से ज्यादा घटिया! पूरी क्रिएटिव टीम या एजेंसी को नौकरी से निकाल देना चाहिए। जिन लोगों ने इस बकवास को मंजूरी दी, उन्हें भी हटा देना चाहिए।' एक अन्य उपयोगकर्ता ने टिप्पणी की, 'हमें आम लोगों को मरने के बाद भी सम्मान के साथ रहने देना चाहिए। यह विज्ञापन असंवेदनशील और अमानवीय है।'