☰
×

GST काउंसिल के नए निर्णय: टैक्स अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति समाप्त

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में GST काउंसिल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा की। इनमें टैक्स अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति को समाप्त करना और छोटे विक्रेताओं के लिए नियमों को सरल बनाना शामिल है। इसके अलावा, इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम के लिए एक नई समिति का गठन किया गया है, जो असली खरीदारों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। जानें इस बैठक में और क्या महत्वपूर्ण बातें हुईं हैं।
 

GST काउंसिल के महत्वपूर्ण निर्णय

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को जानकारी दी कि GST काउंसिल ने टैक्स अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति को समाप्त कर दिया है। इसके साथ ही, मुकदमा चलाने की सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि छोटे विक्रेताओं के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर नियमों को सरल बनाने की मंजूरी भी दी गई है। सीतारमण ने कहा कि अब रेट का ढांचा तय हो चुका है, इसलिए काउंसिल टैक्स के दैनिक संचालन पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसके अलावा, GST रेट में बदलाव अब साल में केवल एक बार किया जाएगा।


इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम पर नई पहल

इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम के संदर्भ में, वित्त मंत्री ने बताया कि 57वीं GST काउंसिल ने एक समिति बनाने का निर्णय लिया है। यह समिति यह सुनिश्चित करेगी कि असली खरीदार, जिनके पास सही इनवॉइस है और जिन्होंने अपने सप्लायर को पूरा भुगतान किया है, को सुरक्षित रखा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि दरों में बदलाव साल में केवल एक बार होगा और यह निर्णय 1 अप्रैल से लागू होगा।


CGST प्रशासन में सुधार की घोषणा

सीतारमण ने कहा कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में अपनाए गए 'फेसलेस' तरीके की टैक्सपेयर्स ने सराहना की है। इसी अनुभव के आधार पर, CGST प्रशासन में भी इस सुधार को लागू करने की योजना है। यह आज की मीटिंग के एजेंडे में शामिल नहीं था, लेकिन उन्होंने इसे इस अवसर पर साझा किया।


ITC के गलत इस्तेमाल को रोकने के उपाय

उन्होंने बताया कि CGST एक्ट की धारा 16(2)(c) में बदलाव का एक एजेंडा था, जिसके तहत असली टैक्सपेयर को मिलने वाले ITC को रोकने का प्रावधान था। यह तब होता था जब सप्लायर ITC को जमा करने में विफल रहता था या नकली ITC पास करता था। अब, ITC तब भी रोका जा सकता है जब टैक्सपेयर के पास इनवॉइस हो, सप्लाई मिल चुकी हो और उसने सप्लायर को टैक्स का भुगतान कर दिया हो।


सहकारी संघवाद की भावना के तहत समिति का गठन

सीतारमण ने कहा कि कई राज्यों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए, इस मामले की और जांच के लिए अधिकारियों की एक समिति बनाने का निर्णय लिया गया है। यह समिति तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय 1 अप्रैल 2027 से लागू होने वाले एजेंडे का हिस्सा होगा।