ICICI बैंक में गोल्ड लोन घोटाला: करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा उजागर
गोल्ड लोन घोटाले का खुलासा
ICICI बैंक, जो देश के प्रमुख निजी बैंकों में से एक है, में एक गंभीर गोल्ड लोन घोटाले का मामला सामने आया है। नागपुर की विभिन्न शाखाओं में ग्राहकों ने नकली सोने को गिरवी रखकर करोड़ों रुपये का लोन प्राप्त किया। यह मामला तब सामने आया जब बैंक ने अपने गोल्ड लोन पोर्टफोलियो का आंतरिक ऑडिट किया। प्रारंभिक जांच में यह पता चला कि लगभग 23 करोड़ रुपये का लोन फर्जी सोने के आधार पर लिया गया था, जिससे बैंक की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं.
घोटाले का खुलासा कैसे हुआ
बैंक के आंतरिक ऑडिट के दौरान यह मामला उजागर हुआ, जब अधिकारियों ने गोल्ड लोन से संबंधित दस्तावेजों और गिरवी रखे गए गहनों की जांच की। जांच में यह पाया गया कि कई शाखाओं में जमा किया गया सोना असली नहीं था। इसके बाद उच्च अधिकारियों को तुरंत सूचित किया गया और मामले की गहन जांच शुरू की गई।
फर्जीवाड़ा कब और कैसे हुआ
पुलिस के अनुसार, यह घोटाला जनवरी 2023 से अक्टूबर 2025 के बीच किया गया। इस अवधि में नागपुर की नौ शाखाओं में नकली सोना गिरवी रखकर लोन लिया गया। कुल 159 खाताधारकों ने इस तरीके से बैंक को धोखा दिया है। सभी मामलों को अब पुलिस ने दर्ज कर लिया है और आरोपियों की पहचान की जा रही है।
कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल
जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि क्या बैंक के अंदर के कर्मचारी इस घोटाले में शामिल थे। आमतौर पर सोने की शुद्धता की जांच वैल्यूअर करते हैं, जिनकी मंजूरी के बाद ही लोन दिया जाता है। ऐसे में बिना किसी मिलीभगत के इतना बड़ा फर्जीवाड़ा होना मुश्किल माना जा रहा है।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
धंतोली पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी और वित्तीय दोनों पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है। इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बैंकिंग प्रणाली में क्या सुधार किए जा सकते हैं।