LIC में हिस्सेदारी बिक्री: सरकार का बड़ा कदम
LIC में हिस्सेदारी की बिक्री
LIC हिस्सेदारी बिक्री: केंद्र सरकार भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में अपनी हिस्सेदारी को 6.5% घटाने का निर्णय लिया है। इस बिक्री से सरकार को 35,000 करोड़ रुपये की प्राप्ति होगी। यह प्रक्रिया मंगलवार और बुधवार को ऑफर फॉर सेल (OFS) के माध्यम से संपन्न होगी। प्रारंभिक ऑफर कंपनी के कुल इक्विटी पूंजी का 2.5% है, जबकि शेष 4% के लिए ग्रीन शू विकल्प उपलब्ध है। LIC ने इस संबंध में शेयर बाजार को सूचित किया है।
10% छूट का लाभ
कंपनी अपने शेयरों को 382 रुपये प्रति शेयर की आधार कीमत पर पेश कर रही है। बीएसई पर सोमवार को कंपनी के शेयर 424 रुपये पर बंद हुए थे, जिससे प्रति शेयर 10% की छूट मिल रही है। यदि 6.5% हिस्सेदारी की बिक्री सफल होती है, तो सरकार को 34,000 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। यह इश्यू भारत में OFS के माध्यम से अब तक का सबसे बड़ा विनिवेश होगा।
MPS मानदंड का पालन
DIPAM के सचिव अरुणिष चावला ने X पर एक पोस्ट में बताया कि हिस्सेदारी की बिक्री से LIC को समय से पहले न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता (MPS) मानदंड का पालन करने में सहायता मिलेगी। वर्तमान में LIC में सार्वजनिक शेयरधारिता 3.5% है, जो OFS के बाद 10% तक बढ़ जाएगी। सचिव ने कहा, "सरकार की हिस्सेदारी की बिक्री से MPS मानदंड को समय से पहले पूरा करने में मदद मिलेगी।"
रिटेल निवेशकों के लिए अवसर
OFS में पहले दिन यानी मंगलवार को गैर-खुदरा निवेशक बोली लगाएंगे, जबकि बुधवार को खुदरा निवेशक बोली लगाएंगे। कंपनी के अनुसार, सरकार LIC के 31.6 करोड़ शेयर बेच रही है, जो कुल शेयर का 2.5% है। यदि LIC के शेयरों की प्रारंभिक मांग आधार प्रस्ताव को पार कर जाती है, तो सरकार 50.6 करोड़ अतिरिक्त शेयर भी बेचेगी, जो कुल शेयर का 2.5% है।