सोने की कीमतों में वृद्धि, फेडरल रिजर्व की बैठक का इंतजार
सोने की कीमतों में बढ़ोतरी
निवेशक इस समय अमेरिका के प्रमुख बैंक, फेडरल रिजर्व की बैठक के परिणामों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। बुधवार को सोने की कीमतों में 0.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिससे यह 4,370.02 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। इससे पहले मंगलवार को सोने की कीमत में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट आई थी। वर्तमान में बाजार में धीरे-धीरे सुधार की कोशिशें हो रही हैं, जिसका मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और वैश्विक बाजारों में बॉंड यील्ड में कमी आना है।
फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स
दुनिया भर के ट्रेडर्स और निवेशक फेडरल रिजर्व की पिछली जुलाई की बैठक के आधिकारिक मिनट्स का इंतजार कर रहे हैं, जो आज शाम 18:00 GMT पर जारी होने वाले हैं। इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि अमेरिकी अधिकारी देश की अर्थव्यवस्था और महंगाई के संदर्भ में आगे क्या कदम उठाने वाले हैं। वर्तमान में बाजार में यह अनुमान है कि सितंबर में होने वाली बैठक में ब्याज दरें स्थिर रहने की 67 प्रतिशत संभावना है, जबकि 33 प्रतिशत संभावना है कि दरों में बदलाव या वृद्धि हो सकती है।
बॉंड यील्ड का प्रभाव
सोने की कीमतों पर वैश्विक बॉंड बाजार की गतिविधियों का गहरा प्रभाव पड़ता है। हाल के दिनों में अमेरिका, जर्मनी और जापान के बॉंड पर मिलने वाले फायदे में उतार-चढ़ाव ने सोने की कीमतों को प्रभावित किया है। डॉलर की कमजोरी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना खरीदना दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सस्ता हो गया है, जिससे सोने के बाजार को कुछ राहत मिली है। तकनीकी दृष्टिकोण से, स्पॉट गोल्ड ने अपने 100-दिवसीय मूविंग एवरेज के स्तर के आस-पास लगभग 4,381 डॉलर पर अपनी स्थिति बनाई हुई है।
अन्य कीमती धातुओं में तेजी
सोने के साथ-साथ अन्य कीमती धातुओं की कीमतों में भी वृद्धि देखी गई है। आंकड़ों के अनुसार, चांदी की कीमतों में 0.8 प्रतिशत, प्लैटिनम में 1.7 प्रतिशत और पैलेडियम में 0.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वैश्विक स्तर पर हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी अनिश्चितताओं और ईरान के साथ तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इसके अलावा, विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीद और गोल्ड ईटीएफ में लगातार निवेश से बाजार को मजबूत समर्थन मिल रहा है।