रिटायरमेंट के बाद SWP: सुरक्षित आमदनी का एक नया तरीका
रिटायरमेंट के बाद आमदनी का सवाल
रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि हर महीने पैसे का स्रोत क्या होगा। अधिकांश लोग फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को सबसे सुरक्षित विकल्प मानते हैं, लेकिन एक और तरीका है जो FD से अधिक लाभकारी हो सकता है, और वह है सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP)। SWP में आप अपने पैसे को किसी म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं और फिर उस निवेश से हर महीने एक निश्चित राशि निकालते हैं, जो आपको नियमित आय प्रदान करती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जो राशि आप नहीं निकालते, वह फंड में बनी रहती है और समय के साथ बढ़ती रहती है।
SWP का कार्यप्रणाली
सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP) SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान का विपरीत कार्य करता है। SIP में आप हर महीने पैसे का निवेश करते हैं, जबकि SWP में आप हर महीने एक निश्चित राशि निकालते हैं। जब आप SWP शुरू करते हैं, तो आप म्यूचुअल फंड से पूरा पैसा एक बार में नहीं निकालते। इसके बजाय, हर बार थोड़े-थोड़े यूनिट बेचे जाते हैं और उतना पैसा आपके बैंक खाते में जमा हो जाता है। जो राशि बचती है, वह निवेश में बनी रहती है और रिटर्न भी देती रहती है।
FD और SWP के बीच का अंतर
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में पैसा एक निश्चित दर पर लॉक हो जाता है, जबकि SWP में आपका पैसा इक्विटी या हाइब्रिड फंड में निवेशित रहता है। यदि फंड 12% रिटर्न देता है और आप सालाना 8% निकालते हैं, तो आपका कॉर्पस हर साल 4% बढ़ता रहेगा। इसका मतलब है कि 10 साल बाद आपके पास प्रारंभिक राशि से अधिक पैसा होगा। टैक्स के मामले में भी SWP बेहतर है, क्योंकि FD पर मिलने वाला ब्याज आपकी आय में शामिल होता है और आपके टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगता है।
SWP से मिलने वाली राशि
यदि आपके पास 50 लाख रुपये हैं और फंड 10% रिटर्न दे रहा है, तो आप हर महीने 25,000 रुपये निकाल सकते हैं और 20 साल बाद भी आपके पास 95 लाख रुपये बचे होंगे। 50,000 रुपये प्रति माह प्राप्त करने के लिए लगभग 70 से 80 लाख रुपये का निवेश आवश्यक होता है, यदि औसत रिटर्न 8 से 10% माना जाए। सामान्य नियम यह है कि सालाना निकासी आपके कॉर्पस के 6 से 8% से अधिक नहीं होनी चाहिए।
SWP के लाभ
SWP आपको हर महीने, तीन महीने या सालाना एक निश्चित राशि प्रदान करता है, जैसे कि एक नियमित वेतन। यह रिटायरमेंट के बाद या जब आमदनी रुक जाती है, तब बहुत सहायक होता है। इसके साथ ही, आपको निकासी की राशि को बदलने, रोकने या फिर से शुरू करने की पूरी स्वतंत्रता मिलती है। यह लचीलापन किसी पेंशन या एन्युटी में नहीं मिलता।
SWP के जोखिम
हालांकि SWP पूरी तरह से जोखिम-मुक्त नहीं है। इसमें मार्केट से जुड़े जोखिम होते हैं; यदि बाजार गिरता है और आप अधिक राशि निकाल रहे हैं, तो आपका कॉर्पस तेजी से घट सकता है। सबसे बड़ा जोखिम यह है कि यदि बाजार लंबे समय तक नीचे रहता है और निकासी अधिक होती है, तो आपका पैसा अपेक्षा से जल्दी खत्म हो सकता है। इसलिए, SWP शुरू करने से पहले एक वित्तीय सलाहकार से परामर्श लेना समझदारी है।