PM मोदी का इजराइल दौरा: भारत-इजराइल व्यापार में नई संभावनाएं
प्रधानमंत्री मोदी का इजराइल दौरा
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजराइल का दो दिवसीय आधिकारिक दौरा किया, जहां उनका स्वागत प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने किया। इस यात्रा के दौरान, उन्होंने इजराइल की संसद को संबोधित किया। इस दौरे के साथ ही भारत और इजराइल के बीच आर्थिक संबंधों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है, क्योंकि दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है।
भारत-इजराइल के व्यापारिक संबंध
भारत और इजराइल के संबंध केवल रणनीतिक नहीं हैं, बल्कि व्यापारिक दृष्टि से भी मजबूत माने जाते हैं। हाल के आंकड़ों से पता चलता है कि दोनों देशों के बीच आयात-निर्यात का संतुलन भारत के पक्ष में है। इस संदर्भ में यह जानना आवश्यक है कि वर्तमान में दोनों देशों के बीच व्यापार का स्तर क्या है और किन क्षेत्रों में सहयोग प्रमुख है।
सितंबर 2025 में व्यापारिक लाभ
सितंबर 2025 के आंकड़ों के अनुसार, भारत और इजराइल के बीच व्यापार में भारत को लाभ हुआ। इस अवधि में भारत ने इजराइल को 178 मिलियन डॉलर का निर्यात किया, जबकि इजराइल से 121 मिलियन डॉलर का आयात किया। इस प्रकार, भारत का व्यापार संतुलन 56.8 मिलियन डॉलर के लाभ में रहा।
हालांकि, सितंबर 2024 की तुलना में सितंबर 2025 में भारत का निर्यात लगभग 5.19 प्रतिशत घटा। यह 188 मिलियन डॉलर से घटकर 178 मिलियन डॉलर रह गया, जिससे लगभग 9.74 मिलियन डॉलर की कमी आई।
आयात में गिरावट
इजराइल से भारत के आयात में भी उल्लेखनीय गिरावट आई है। सितंबर 2024 में आयात 152 मिलियन डॉलर था, जो सितंबर 2025 में घटकर 121 मिलियन डॉलर रह गया। यह लगभग 31.1 मिलियन डॉलर की कमी दर्शाता है, जो 20 प्रतिशत की गिरावट है।
व्यापार के प्रमुख क्षेत्र
वर्ष 2024 में कुल व्यापार में कुछ कमी आई, लेकिन प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से दोनों देशों के बीच कारोबार में तेजी आने की उम्मीद है। भारत इजराइल को मुख्य रूप से सेमी-कीमती पत्थर (48.7 मिलियन डॉलर), उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स (10.4 मिलियन डॉलर) और इंजीनियरिंग से संबंधित सामान (8.06 मिलियन डॉलर) निर्यात करता है। इसके अलावा, मोती, कीमती पत्थर, मोटर वाहन डीजल, मशीनरी, वस्त्र, रेडीमेड परिधान और कृषि उत्पाद भी बड़े पैमाने पर भेजे जाते हैं।
वहीं, भारत इजराइल से निर्मित उर्वरक (16.7 मिलियन डॉलर) और इलेक्ट्रॉनिक घटक (9.65 मिलियन डॉलर) आयात करता है।
फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का महत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू होता है, तो भारतीय उत्पादों के लिए इजराइली बाजार में पहुंच आसान हो सकती है। इससे भारतीय उद्योगों और किसानों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है और द्विपक्षीय व्यापार में नई गति आ सकती है।