SEBI ने निवेशक शिक्षा के लिए शेयर डेटा साझा करने के नियमों में बदलाव किया
निवेशक जागरूकता के लिए नए नियम
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने शुक्रवार को निवेशक शिक्षा से संबंधित नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। अब, शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए शेयर मूल्य डेटा साझा करने के लिए 30 दिनों की एक समान समय-सीमा निर्धारित की गई है। यह नया नियम 1 जुलाई, 2026 से लागू होगा। इसका मुख्य उद्देश्य बाजार के रियल-टाइम डेटा के दुरुपयोग को रोकना और शैक्षणिक सामग्री की प्रासंगिकता को बनाए रखना है।
नए नियमों का उद्देश्य
SEBI ने एक परिपत्र में बताया कि यह नई रूपरेखा एक जुलाई से प्रभावी होगी। इसका लक्ष्य बाजार आंकड़ों के दुरुपयोग को रोकना और शैक्षणिक सामग्री की प्रासंगिकता को बनाए रखना है।
मई 2024 में, SEBI ने शेयर बाजारों द्वारा 'लाइव' बाजार आंकड़ों के उपयोग को केवल व्यापार और उससे जुड़े कार्यों तक सीमित कर दिया था। शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए एक दिन की देरी के साथ आंकड़ों के उपयोग की अनुमति दी गई थी। जनवरी 2025 में, नियम को और सख्त करते हुए केवल शैक्षणिक गतिविधियों में लगे संस्थानों के लिए तीन महीने पुराने आंकड़ों के उपयोग की शर्त लागू की गई थी।
पहले, शैक्षणिक संस्थान सामग्री तैयार करने के लिए एक दिन की देरी वाला डेटा प्राप्त कर सकते थे, लेकिन कक्षाओं या अन्य माध्यमों में उपयोग के लिए तीन महीने पुराने आंकड़ों तक ही सीमित थे।
30 दिन की समान देरी का निर्णय
SEBI ने कहा कि एक दिन की देरी आंकड़ों के दुरुपयोग की संभावना को पूरी तरह से समाप्त नहीं कर पाती थी, जबकि तीन महीने की देरी से शैक्षणिक सामग्री की प्रासंगिकता प्रभावित होती थी। इस सुझाव के आधार पर, अब आंकड़ों के साझा करने और उपयोग दोनों के लिए 30 दिन की समान देरी तय की गई है।
हालांकि, राष्ट्रीय प्रतिभूति बाजार संस्थान (NISM) को सिमुलेशन लैब में उपयोग के लिए एक दिन की देरी के साथ बाजार मूल्य आंकड़ों तक पहुंच मिलती रहेगी।