Swiggy और Zomato ने बढ़ाई प्लेटफॉर्म फीस, ग्राहकों पर पड़ेगा असर
फूड डिलीवरी कंपनियों की नई फीस संरचना
देश की प्रमुख फूड डिलीवरी सेवाएं, स्विग्गी और जोमैटो, ने एक बार फिर अपने ग्राहकों के लिए प्लेटफॉर्म फीस में वृद्धि की है। स्विग्गी ने अपनी फीस को 14.99 रुपये से बढ़ाकर 17.58 रुपये कर दिया है, जिसमें जीएसटी भी शामिल है। इसी तरह, जोमैटो की कुल फीस भी अब 17.58 रुपये तक पहुंच गई है। यह पिछले सात महीनों में स्विग्गी द्वारा फीस में चौथी बार वृद्धि है, जो दर्शाता है कि कंपनियां अपने राजस्व मॉडल को मजबूत करने में लगी हुई हैं।
फीस में लगातार वृद्धि
स्विग्गी ने हाल की वृद्धि के साथ अपनी फीस में लगभग 17 प्रतिशत का इजाफा किया है। इससे पहले भी कंपनी ने कई बार छोटे-छोटे अंतराल में शुल्क बढ़ाए हैं। जोमैटो ने भी अपने बेस चार्ज में वृद्धि कर इसे धीरे-धीरे इसी स्तर तक पहुंचाया है। अब दोनों कंपनियों की फीस समान हो गई है, हालांकि उनकी गणना का तरीका भिन्न है।
कमाई का नया स्रोत
पहले प्लेटफॉर्म फीस केवल 2 रुपये के आसपास होती थी, लेकिन अब यह कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण आय का स्रोत बन गई है। हर दिन लाखों ऑर्डर प्रोसेस होने के कारण यह छोटी राशि भी कुल मिलाकर बड़ी आय में बदल जाती है। अनुमान है कि रोजाना 40 से 45 लाख ऑर्डर पूरे होते हैं।
प्रतिस्पर्धा का बढ़ता दबाव
रेस्टोरेंट्स के साथ कमीशन को लेकर खींचतान और बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने कंपनियों के लिए नए विकल्प सीमित कर दिए हैं। ऐसे में ग्राहकों से सीधे शुल्क लेना एक आसान और स्थिर तरीका बन गया है। कई नई कंपनियां कम कमीशन मॉडल के साथ बाजार में आ रही हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा और बढ़ रही है।
भविष्य में और बढ़ सकते हैं चार्ज
डिजिटल कॉमर्स में इस तरह के छोटे-छोटे शुल्क अब सामान्य हो गए हैं। फूड डिलीवरी से लेकर ई-कॉमर्स तक, हर प्लेटफॉर्म अतिरिक्त चार्ज जोड़ रहा है। मौजूदा रुझान को देखते हुए संभावना है कि आने वाले समय में प्लेटफॉर्म फीस में और वृद्धि हो सकती है, जिससे कंपनियां अपनी कमाई को और बढ़ा सकेंगी।