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अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट

हाल ही में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की घोषणा की, जिसके परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में 10% से अधिक की गिरावट आई है। अमेरिका और अन्य देशों ने इस निर्णय का स्वागत किया है, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन में सुधार की उम्मीद है। भारत में ईंधन की स्थिति सामान्य है, और सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता को लेकर आश्वासन दिया है। इस लेख में जानें कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और भारत में ईंधन की स्थिति के बारे में।
 

ईरान की घोषणा से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट


ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की घोषणा की


अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम की संभावनाओं के बीच, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने का निर्णय लिया है। इस घोषणा का अमेरिका और अन्य देशों ने स्वागत किया है, क्योंकि इससे वैश्विक सप्लाई चेन में सुधार होगा। जैसे ही ईरान ने यह घोषणा की, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट आई।


कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का विवरण

शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में 10 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई। इससे फारस की खाड़ी से तेल टैंकरों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है, जिससे वैश्विक ग्राहकों को कच्चे तेल की आपूर्ति में सुधार होगा। अमेरिकी बेंचमार्क क्रूड की कीमत 10.8 प्रतिशत गिरकर 81.28 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जबकि ब्रेंट क्रूड 10.3 प्रतिशत घटकर 89.13 डॉलर पर पहुंच गया। हालांकि, ब्रेंट क्रूड अभी भी युद्ध से पहले के 70 डॉलर के स्तर से ऊपर है, जो वित्तीय बाजारों में सतर्कता को दर्शाता है।


भारत में ईंधन की स्थिति

पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद, भारत सरकार ने ईंधन की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता सामान्य है। उन्होंने कहा कि घरेलू एलपीजी की सप्लाई सुचारू रूप से जारी है और किसी भी वितरक के पास गैस खत्म होने की सूचना नहीं है। इसके अलावा, पेट्रोल और डीजल की भी पर्याप्त उपलब्धता है, और रिफाइनरी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।