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अक्टूबर में सेवा क्षेत्र में तेजी से वृद्धि, नए ऑर्डर में बढ़ोतरी

अक्टूबर में भारत के सेवा क्षेत्र में गतिविधियों में चार महीने की सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई है। मांग में मजबूती के साथ नए ऑर्डर में बढ़ोतरी हुई, जबकि लागत का दबाव कम हुआ। कंपनियों ने भविष्य की संभावनाओं को लेकर सतर्कता के साथ आशावाद व्यक्त किया है। हालांकि, रोजगार में वृद्धि की गति कमजोर रही है। जानें इस रिपोर्ट में और क्या जानकारी दी गई है।
 

सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में वृद्धि

नई दिल्ली, चार नवंबर: अक्टूबर में देश के सेवा क्षेत्र में गतिविधियों में चार महीने की सबसे तेज वृद्धि देखी गई। मांग में मजबूती के साथ कारोबारी गतिविधियों और नए ऑर्डर में वृद्धि हुई, जबकि लागत का दबाव कम हुआ। यह जानकारी बुधवार को जारी एक मासिक सर्वेक्षण में सामने आई।


कंपनियों ने भविष्य की संभावनाओं को लेकर सतर्कता के साथ आशावाद व्यक्त किया और चार महीने में सबसे कम संख्या में कर्मचारियों की भर्ती की। अंतरराष्ट्रीय बिक्री में ताजा विस्तार पिछले चार वर्षों में सबसे कमजोर रहा। मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया सेवा पीएमआई कारोबारी गतिविधि सूचकांक सितंबर में 55.2 से बढ़कर अक्टूबर में 55.8 हो गया।


यह चार महीने में वृद्धि की सबसे तेज गति को दर्शाता है। क्रय प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) के अनुसार, 50 से ऊपर का अंक विस्तार को दर्शाता है, जबकि 50 से नीचे का अंक संकुचन को। एचएसबीसी की मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा, 'भारत का सेवा पीएमआई अक्टूबर में बढ़कर 55.8 हो गया, जो चार महीने का उच्चतम स्तर है।'


इस दौरान कारोबारी स्थितियों में सुधार हुआ, हालांकि कुल मांग मजबूत बनी रही, लेकिन नए निर्यात ऑर्डर में वृद्धि की गति फरवरी 2023 के बाद सबसे धीमी रही। सर्वेक्षण में शामिल कंपनियों ने उत्पादन में वृद्धि का मुख्य कारण नए कारोबार में बढ़ोतरी को बताया। मांग की अनुकूल परिस्थितियों, नए ग्राहकों की उपलब्धता और सफल विज्ञापन अभियानों ने नए ऑर्डर को बढ़ाने में मदद की।


कीमतों के मोर्चे पर लागत का दबाव काफी कम हुआ। भंडारी ने कहा, 'कच्चे माल और तैयार उत्पादों की कीमतों में वृद्धि जारी रही, लेकिन इसकी गति पिछले महीने की तुलना में धीमी रही। इससे महंगाई के दबाव में कुछ राहत मिलने के संकेत मिलते हैं।'


उन्होंने यह भी बताया कि रोजगार में वृद्धि की गति जून के बाद सबसे कमजोर रही। इससे यह संकेत मिलता है कि सेवा क्षेत्र की कुछ कंपनियों के पास मौजूदा कर्मचारियों की जरूरतें पूरी करने के लिए पर्याप्त क्षमता है। कंपनियों ने भविष्य की संभावनाओं को लेकर सतर्कता के साथ आशावाद व्यक्त किया और चार महीने में सबसे कम संख्या में कर्मचारियों की भर्ती की। इस बीच, भारत का समग्र पीएमआई उत्पादन सूचकांक सितंबर के 55.9 से बढ़कर अक्टूबर में 56.2 हो गया।


यह चार महीने में कुल उत्पादन में सबसे तेज वृद्धि को दर्शाता है और कारोबारी गतिविधियों की मजबूत स्थिति का संकेत देता है। विनिर्माण और सेवा क्षेत्र की कंपनियों में लागत का दबाव कम हुआ, जिससे कुल महंगाई की दर घटकर 11 महीने के निचले स्तर पर आ गई। समग्र पीएमआई सूचकांक, तुलनीय विनिर्माण एवं सेवा पीएमआई सूचकांकों का भारित औसत है।


यह आंकड़ा आधिकारिक जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) आंकड़ों के अनुसार विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों के सापेक्ष आकार को दर्शाता है। एचएसबीसी इंडिया सेवा पीएमआई एसएंडपी ग्लोबल द्वारा करीब 400 सेवा क्षेत्र की कंपनियों के समूह को भेजे गए प्रश्नावली के जवाबों के आधार पर तैयार किया जाता है।