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अगस्त में जीएसटी संग्रह में 15% की वृद्धि, आयात से मिले कर का बड़ा योगदान

अगस्त 2023 में भारत में जीएसटी संग्रह में 15% की वृद्धि हुई, जो 1.998 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस वृद्धि का मुख्य कारण आयात से मिलने वाले कर का योगदान रहा, जो 29% बढ़कर 62,604 करोड़ रुपये हो गया। घरेलू जीएसटी संग्रह में भी 9.3% की वृद्धि हुई। हालांकि, रिफंड में भारी बढ़ोतरी के कारण शुद्ध जीएसटी संग्रह की वृद्धि धीमी रही। जानें राज्यों के प्रदर्शन और आर्थिक गतिविधियों पर इसके प्रभाव के बारे में।
 

अगस्त में जीएसटी संग्रह की स्थिति

इस वर्ष अगस्त का महीना देश की कर आमदनी के लिए सकारात्मक रहा है। सरकार द्वारा 1 सितंबर को जारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में सकल वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह में सालाना आधार पर 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 1.998 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। पिछले साल इसी महीने में यह आंकड़ा 1.74 लाख करोड़ रुपये था। यह लगातार तीसरा महीना है जब जीएसटी संग्रह में दोहरे अंक की वृद्धि देखी गई है।


आयात से मिलने वाले कर का योगदान

जानकारी के अनुसार, जुलाई में जीएसटी संग्रह में 15.4 प्रतिशत और जून में 13.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। अगस्त में वृद्धि का मुख्य कारण आयात से प्राप्त कर रहा, जो 29 प्रतिशत बढ़कर 62,604 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 48,546 करोड़ रुपये था।


घरेलू जीएसटी संग्रह में वृद्धि

इसके विपरीत, घरेलू स्रोतों से प्राप्त सकल जीएसटी 9.3 प्रतिशत बढ़कर 1.37 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष अगस्त में यह 1.26 लाख करोड़ रुपये था। आंकड़ों से स्पष्ट है कि आयात से जुड़े कर में वृद्धि ने कुल जीएसटी संग्रह को मजबूती प्रदान की है।


शुद्ध जीएसटी संग्रह में वृद्धि

हालांकि, सकल संग्रह की तुलना में शुद्ध जीएसटी की वृद्धि थोड़ी धीमी रही है, जिसका मुख्य कारण रिफंड में हुई भारी बढ़ोतरी है। अगस्त में कुल रिफंड 67.9 प्रतिशत बढ़कर 31,795 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह 18,935 करोड़ रुपये था। घरेलू रिफंड में 72.6 प्रतिशत और निर्यात से जुड़े रिफंड में 61.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।


वित्त वर्ष 2026-27 के आंकड़े

रिफंड के बाद, अगस्त में शुद्ध जीएसटी संग्रह 8.3 प्रतिशत बढ़कर 1.68 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल अगस्त में यह 1.55 लाख करोड़ रुपये था। शुद्ध घरेलू राजस्व में केवल 3.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 1.19 लाख करोड़ रुपये रहा। सीमा शुल्क से जुड़े जीएसटी संग्रह में 22.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो 49,299 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।


राज्यों के प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2026-27 के पहले पांच महीनों में भी जीएसटी संग्रह में अच्छी वृद्धि देखी गई है। इस अवधि में सकल संग्रह 11 प्रतिशत बढ़कर 10.43 लाख करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान घरेलू सकल राजस्व 5.3 प्रतिशत बढ़ा, जबकि आयात से होने वाला संग्रह 27.3 प्रतिशत बढ़ा है।


राज्यों के आंकड़े

राज्यों के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश ने अगस्त में घरेलू जीएसटी संग्रह में 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। तेलंगाना 16 प्रतिशत, गुजरात 15 प्रतिशत, कर्नाटक और केरल 13-13 प्रतिशत तथा हरियाणा और पंजाब 12-12 प्रतिशत की वृद्धि के साथ आगे रहे हैं।


असम का असाधारण प्रदर्शन

असम का आंकड़ा सबसे अलग रहा, जहां जीएसटी संग्रह में 162 प्रतिशत की असाधारण वृद्धि दर्ज की गई है। जीएसटी संग्रह में लगातार हो रही वृद्धि को आर्थिक गतिविधियों, खपत और आयात से जुड़े कारोबार की स्थिति समझने के प्रमुख संकेतकों में गिना जाता है। हालांकि, आने वाले महीनों में रिफंड की रफ्तार और आयात से जुड़े कर संग्रह पर नजर रखी जाएगी, क्योंकि यही कारक शुद्ध राजस्व की वास्तविक गति को प्रभावित कर सकते हैं।