अडाणी पोर्ट्स का ब्रिटिश बंदरगाह ऑपरेटर पर दांव लगाने की योजना
अडाणी पोर्ट्स का अंतरराष्ट्रीय विस्तार
गौतम अडाणी की कंपनी, अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ), अब भारत के बाहर अपने कारोबार का विस्तार करने की योजना बना रही है। रिपोर्ट के अनुसार, यह कंपनी ब्रिटेन में सबसे बड़ी बंदरगाह ऑपरेटर एसोसिएटेड ब्रिटिश पोर्ट्स (ABP) के लिए बोली लगाने पर विचार कर रही है।
प्रवक्ता का बयान
APSEZ के एक प्रवक्ता ने मनीकंट्रोल के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि कंपनी अपनी नीतियों के अनुसार बाजार की अटकलों पर टिप्पणी नहीं करती। उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी उन अवसरों पर विचार करती है जो उसकी दीर्घकालिक रणनीति के अनुकूल हों।
ABP का परिचय
ABP इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स में 21 बंदरगाहों का संचालन करती है, जिसमें साउथैंप्टन और हंबर शामिल हैं। यह कंपनी ब्रिटेन के समुद्री व्यापार का एक चौथाई हिस्सा संभालती है और विभिन्न प्रकार के कार्गो का प्रबंधन करती है।
हिस्सेदारी की जानकारी
कनाडा के पेंशन फंड CCP और ओंटारियो म्यूनिसिपल एंप्लॉइज रिटायरमेंट सिस्टम्स (OMERS) ABP में लगभग 64% हिस्सेदारी रखते हैं। OMERS ने मनीकंट्रोल के सवालों का जवाब नहीं दिया।
बोली प्रक्रिया का प्रारंभिक चरण
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित बिक्री में कई वैश्विक इंफ्रास्ट्रक्चर निवेशकों और बंदरगाह ऑपरेटरों ने रुचि दिखाई है। हालांकि, अभी तक कोई औपचारिक बोली प्रस्तुत नहीं की गई है।
अडाणी का सबसे बड़ा विदेशी सौदा
यदि ABP का अधिग्रहण होता है, तो यह अडाणी पोर्ट्स का सबसे बड़ा विदेशी सौदा होगा। इससे कंपनी को यूरोप की प्रमुख व्यापारिक अर्थव्यवस्थाओं में काम करने का एक महत्वपूर्ण मंच मिलेगा। हाल के वर्षों में, APSEZ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने विस्तार को प्राथमिकता दी है।