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अदाणी पोर्ट्स का वैश्विक विस्तार: ब्रिटेन के प्रमुख बंदरगाह का अधिग्रहण संभावित

अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन ब्रिटेन की सबसे बड़ी बंदरगाह संचालक कंपनी एसोसिएटेड ब्रिटिश पोर्ट्स के अधिग्रहण की संभावना पर विचार कर रही है। यह कदम कंपनी के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हो सकता है। अदाणी पोर्ट्स ने इस मामले में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन यह सौदा यदि सफल होता है, तो यह कंपनी का सबसे बड़ा विदेशी अधिग्रहण होगा। जानें इस संभावित सौदे के बारे में और अदाणी पोर्ट्स की वर्तमान स्थिति के बारे में।
 

अदाणी पोर्ट्स का नया कदम

अदाणी समूह की कंपनी अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन वैश्विक स्तर पर विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने की योजना बना रही है। हालिया जानकारी के अनुसार, कंपनी ब्रिटेन की सबसे बड़ी बंदरगाह संचालक एसोसिएटेड ब्रिटिश पोर्ट्स के अधिग्रहण पर विचार कर रही है। हालांकि, यह प्रक्रिया अभी प्रारंभिक चरण में है और यह स्पष्ट नहीं है कि कंपनी औपचारिक प्रस्ताव पेश करेगी या नहीं।


कंपनी की प्रतिक्रिया

अदाणी पोर्ट्स ने इस मामले में कहा है कि वह बाजार में चल रही अटकलों पर टिप्पणी नहीं करती। कंपनी का कहना है कि वह ऐसे अवसरों का मूल्यांकन करती है जो उसकी दीर्घकालिक रणनीति के अनुरूप हों और सभी हितधारकों के लिए स्थायी मूल्य उत्पन्न कर सकें।


एसोसिएटेड ब्रिटिश पोर्ट्स का परिचय

एसोसिएटेड ब्रिटिश पोर्ट्स, ब्रिटेन की प्रमुख बंदरगाह संचालक कंपनियों में से एक है। यह इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स में कुल 21 बंदरगाहों का संचालन करती है, जिनमें साउथहैम्पटन और हंबर जैसे महत्वपूर्ण बंदरगाह शामिल हैं। ब्रिटेन के समुद्री व्यापार का लगभग एक चौथाई हिस्सा इन बंदरगाहों के माध्यम से होता है।


संभावित सौदे का मूल्य

जानकारी के अनुसार, एसोसिएटेड ब्रिटिश पोर्ट्स में कनाडा की निवेश संस्थाओं सीपीपी इन्वेस्टमेंट्स और ओंटारियो म्यूनिसिपल एम्प्लॉइज रिटायरमेंट सिस्टम की लगभग 64 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यदि यह सौदा आगे बढ़ता है, तो कंपनी का मूल्य 10 अरब पाउंड से अधिक आंका जा सकता है। हालांकि, इस विषय पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।


अन्य निवेशकों की रुचि

इससे पहले कई अंतरराष्ट्रीय निवेश कंपनियों ने इस संभावित सौदे में रुचि दिखाई थी। रिपोर्टों के अनुसार, केकेआर, ब्लैकरॉक के स्वामित्व वाली ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स, ब्रुकफील्ड एसेट मैनेजमेंट और दुबई की डीपी वर्ल्ड जैसी कंपनियां भी इस प्रक्रिया पर नजर रख रही हैं।


अदाणी पोर्ट्स का विदेशी विस्तार

यदि अदाणी पोर्ट्स यह अधिग्रहण सफलतापूर्वक करती है, तो यह उसका सबसे बड़ा विदेशी सौदा होगा। इससे कंपनी को ब्रिटेन में एक मजबूत परिचालन आधार मिलेगा और वैश्विक समुद्री कारोबार में उसकी हिस्सेदारी बढ़ेगी। पिछले कुछ वर्षों में, अदाणी पोर्ट्स ने भारत के बाहर भी तेजी से विस्तार किया है।


भारत में अदाणी पोर्ट्स की स्थिति

भारत में, अदाणी पोर्ट्स देश की सबसे बड़ी निजी बंदरगाह संचालक कंपनी मानी जाती है। इसके पास 15 बंदरगाहों और टर्मिनलों का नेटवर्क है, जिसकी संयुक्त माल संभालने की क्षमता लगभग 627 मिलियन टन प्रतिवर्ष है। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2030 तक इस क्षमता को एक अरब टन प्रतिवर्ष तक बढ़ाना है।