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अदाणी समूह की फॉर्मूला-1 की वापसी की योजना

अदाणी समूह ग्रेटर नोएडा में बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में फॉर्मूला-1 मोटर स्पोर्ट को पुनः प्रारंभ करने की योजना बना रहा है। करण अदाणी ने इस संबंध में जानकारी दी है कि भारत में फॉर्मूला-1 की वापसी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्रीय खेल मंत्री ने भी सर्किट का दौरा किया है। अदाणी समूह जेएएल के अधिग्रहण की प्रक्रिया में है, जो सर्किट का नियंत्रण रखता है। जानें इस खेल आयोजन के महत्व और भारत में इसकी संभावनाओं के बारे में।
 

फॉर्मूला-1 की वापसी की तैयारी

अदाणी समूह ग्रेटर नोएडा में बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में फॉर्मूला-1 मोटर स्पोर्ट को पुनः प्रारंभ करने की योजना बना रहा है। इस संबंध में अदाणी सीमेंट के निदेशक करण अदाणी ने शनिवार को जानकारी साझा की।


सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने हाल ही में इस सर्किट का दौरा किया और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के अधिकारियों के साथ चर्चा की।


भारत में फॉर्मूला-1 की संभावनाएं

एआईएमए के 70वें स्थापना दिवस समारोह में अदाणी ने कहा, "मैं इस बात को लेकर उत्साहित हूं कि बुद्ध सर्किट इस सौदे का हिस्सा है। मैं भारत में फॉर्मूला-1 की वापसी के लिए व्यक्तिगत रूप से प्रयास कर रहा हूं। यहाँ इसकी बड़ी संभावनाएं हैं और लोग इसे पसंद करते हैं।"


अदाणी समूह इस समय कर्ज में डूबी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) के अधिग्रहण की प्रक्रिया में है, जिसका नियंत्रण बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर है।


खेल आयोजनों का महत्व

करण अदाणी ने कहा कि वह वर्ष 2000 से इस खेल से जुड़े हुए हैं और उनका मानना है कि भारत फॉर्मूला-1 जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए मानक स्थापित कर सकता है।


उन्होंने कहा, "भारत और भारतीयों की प्रतिष्ठा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। भारत फॉर्मूला-1 का शानदार आयोजन कर सकता है।"


अदाणी ने यह भी बताया कि ऐसे खेल आयोजनों से देश के बुनियादी ढांचे, आतिथ्य और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।


यह उल्लेखनीय है कि फॉर्मूला वन इंडियन ग्रां प्री रेस का आयोजन बुद्ध सर्किट पर 2011, 2012 और 2013 में हुआ था, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार के साथ कर विवाद के कारण इसे रोक दिया गया था।