अदाणी समूह के बॉंड पुनर्खरीद प्रस्ताव में निवेशकों की कम रुचि
अदाणी समूह की बॉंड बिक्री में कमी
पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण वैश्विक बाजारों में अस्थिरता आई है, जिसके चलते निवेशकों ने अदाणी समूह के डॉलर में जारी बॉंड को बेचने में कम रुचि दिखाई है। अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) ने बॉंड पुनर्खरीद की पेशकश की, लेकिन निवेशकों का रुझान अपेक्षाकृत कम रहा।
सूत्रों के अनुसार, एपीएसईजेड ने नकद निविदा प्रस्ताव के माध्यम से अमेरिकी डॉलर में जारी दो शृंखलाओं के जल्द परिपक्व होने वाले बॉंड का कुछ हिस्सा वापस खरीदा। इस प्रक्रिया से कंपनी के बकाया ऋण में लगभग 19.95 करोड़ अमेरिकी डॉलर की कमी आई।
पुनर्खरीद प्रस्ताव की जानकारी
इस पुनर्खरीद प्रस्ताव में 2027 में परिपक्व होने वाले चार प्रतिशत ब्याज दर वाले 34.51 करोड़ डॉलर तक के बॉंड और 2031 में परिपक्व होने वाले 3.10 प्रतिशत ब्याज दर वाले 15 करोड़ डॉलर तक के बॉंड शामिल थे। कुल मिलाकर, लगभग 49.5 करोड़ डॉलर की पुनर्खरीद की पेशकश की गई थी।
हालांकि, बॉंडधारकों ने अपेक्षा से कम मात्रा में बॉंड वापस बेचने का निर्णय लिया। अंततः कंपनी ने 2027 में परिपक्व होने वाले बॉंड में से 10.21 करोड़ डॉलर और 2031 में परिपक्व होने वाले बॉंड में से 9.75 करोड़ डॉलर स्वीकार किए।
निवेशकों की प्रतिक्रिया
इस प्रकार, 60 प्रतिशत से अधिक निवेशकों ने अपने बॉंड को अपने पास रखने का निर्णय लिया और पुनर्खरीद प्रस्ताव का लाभ नहीं उठाया। प्रारंभिक समय-सीमा के बाद, निवेशकों ने 2027 में परिपक्व होने वाले बॉंड में पांच लाख डॉलर और 2031 में परिपक्व होने वाले बॉंड में 21.3 लाख डॉलर अतिरिक्त पेश किए। इस तरह कुल पुनर्खरीद बढ़कर 19.95 करोड़ डॉलर हो गई।
यह कदम एपीएसईजेड की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसमें कंपनी अपने बही-खाते में उपलब्ध अतिरिक्त नकदी का उपयोग कर धीरे-धीरे कर्ज कम कर रही है। अदाणी समूह ने हाल के वर्षों में पुनर्वित्तपोषण और चयनित पुनर्खरीद के माध्यम से अपने कर्ज ढांचे को पुनर्गठित किया है।
अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की रुचि
इस लेनदेन से जुड़े एक व्यक्ति ने कहा, "हमें उम्मीद थी कि अधिक निवेशक बॉंड वापस बेचेंगे, लेकिन प्रतिक्रिया सकारात्मक रही।" सूत्रों ने बताया कि अमेरिका स्थित कुछ संस्थागत निवेशक द्वितीयक बाजार में भी अदाणी समूह से जुड़े बॉंड में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं।
प्रारंभिक समयसीमा के बाद स्वीकार किए गए बॉंड का निपटान 16 मार्च के आसपास होने की संभावना है।