अमेरिका-ईरान शांति समझौते से भारतीय बाजारों में उछाल
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का अंत
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष का अंत हो गया है, जो पिछले तीन महीनों से जारी था। इस महत्वपूर्ण और राहत देने वाली खबर के बाद, सोमवार को भारतीय शेयर बाजार और रुपये में उल्लेखनीय तेजी देखी गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इस शांति समझौते की घोषणा की, जिससे वैश्विक बाजारों में सकारात्मकता का संचार हुआ।
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में मजबूती
ग्लोबल मार्केट में इस सकारात्मक बदलाव के चलते, सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 58 पैसे की बढ़त के साथ 94.60 रुपये पर पहुंच गया। इससे पहले शुक्रवार को रुपये की कीमत 95.18 प्रति डॉलर थी। सोमवार की सुबह विदेशी मुद्रा बाजार खुलते ही रुपये में तेजी आई और यह 94.70 पर खुलने के बाद 94.60 के स्तर पर पहुंच गया।
रुपये और शेयर बाजार में तेजी के कारण
इस तेजी का मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट है।
कच्चा तेल हुआ सस्ता: अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के बाद, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 4.66% गिरकर 83.26 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई। इससे भारत का खर्च कम होगा, जिससे रुपये को सीधा लाभ मिला।
होर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना: दोनों देशों ने दुनिया में तेल सप्लाई के महत्वपूर्ण रास्ते होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर सहमति जताई है।
डॉलर की कमजोरी: दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती दिखाने वाला 'डॉलर इंडेक्स' 0.22% गिरकर 99.53 पर आ गया, जिससे भारतीय मुद्रा को स्थिरता मिली।
सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और डॉलर की कमजोरी के कारण भारतीय शेयर बाजार में भी तेजी आई। सोमवार की सुबह, सेंसेक्स 1,112.70 अंकों की बढ़त के साथ 76,648.74 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 335.55 अंकों की मजबूती के साथ 23,956.40 पर ट्रेड कर रहा था।
यह शांति समझौता स्विट्जरलैंड में अंतिम रूप दिया गया है, और दोनों देश 19 जून को इस पर आधिकारिक हस्ताक्षर करेंगे। हालांकि, पिछले शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बाजार से 1,082.18 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे, लेकिन सोमवार की तेजी ने पिछले सभी रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया।