अमेरिका की नई योजना: वेनेजुएला के तेल की बिक्री पर नियंत्रण
अमेरिका का नया कदम
नई दिल्ली: अमेरिका के ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने बताया है कि ट्रंप प्रशासन वेनेजुएला के कच्चे तेल की बिक्री को अपने नियंत्रण में लेने की योजना बना रहा है। इस योजना के तहत, तेल से होने वाली आय सीधे अमेरिकी खातों में जमा की जाएगी। यह बयान वाशिंगटन की उस नीति को दर्शाता है, जिसके माध्यम से वह वेनेजुएला के महत्वपूर्ण संसाधन—तेल—पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना चाहता है।
मियामी सम्मेलन में महत्वपूर्ण जानकारी
क्रिस राइट ने मियामी में गोल्डमैन सैक्स के एक कार्यक्रम में यह जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि शुरुआत में वेनेजुएला में पहले से भंडारित तेल बेचा जाएगा। अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण यह कच्चा तेल लगातार जमा हो रहा था, जिससे उत्पादन में रुकावट का खतरा उत्पन्न हो गया था। अब अमेरिका इस तेल को बाजार में लाने की योजना बना रहा है।
वेनेजुएला के तेल की मार्केटिंग
राइट ने स्पष्ट किया कि अमेरिका वेनेजुएला से आने वाले कच्चे तेल की मार्केटिंग करेगा। पहले चरण में जमा किए गए तेल की बिक्री होगी, और इसके बाद नए उत्पादन को भी वैश्विक बाजारों में बेचा जाएगा। यह प्रक्रिया अनिश्चितकाल तक जारी रखने की योजना है।
अमेरिकी कंपनियों पर दबाव
यह योजना उस समय सामने आई है जब ट्रंप प्रशासन अमेरिकी ऊर्जा कंपनियों पर वेनेजुएला के कमजोर तेल ढांचे को पुनर्जीवित करने का दबाव बना रहा है। इसके लिए अमेरिका ने कुछ प्रतिबंधों में ढील भी दी है, ताकि तेल उत्पादन को बढ़ावा मिल सके।
50 मिलियन बैरल तेल की बिक्री
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा कि वेनेजुएला अमेरिका को लगभग 50 मिलियन बैरल कच्चा तेल बेचने के लिए तैयार है, जिसकी मौजूदा कीमत लगभग 2.8 अरब डॉलर है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने भी पुष्टि की कि अमेरिका ने वेनेजुएला के तेल की मार्केटिंग शुरू कर दी है।
बिक्री से मिलने वाली राशि का उपयोग
सूत्रों के अनुसार, तेल बिक्री से प्राप्त राशि अमेरिकी ट्रेजरी खातों में जमा की जाएगी, ताकि वेनेजुएला के कर्जदारों से धन सुरक्षित रखा जा सके। अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि इस धन का उपयोग अंततः वेनेजुएला की जनता के हित में किया जाएगा। क्रिस राइट ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका किसी का तेल नहीं चुरा रहा है।
पुरानी अमेरिकी कंपनियों का मुआवजा
राइट ने बताया कि इस राशि का उपयोग एक्सॉन मोबिल या कॉनोकोफिलिप्स जैसी अमेरिकी कंपनियों के पुराने दावों को चुकाने में नहीं किया जाएगा। इन कंपनियों की संपत्तियों का 2000 के दशक में राष्ट्रीयकरण किया गया था। उन्होंने इसे एक दीर्घकालिक मुद्दा बताया।
वेनेजुएला और अमेरिका के बीच बातचीत
वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी पीडीवीएसए ने भी स्वीकार किया है कि वह अमेरिका के साथ तेल बिक्री को लेकर बातचीत कर रही है। यह व्यवस्था शेवरॉन के साथ चल रही मौजूदा डील जैसी हो सकती है, जो फिलहाल वेनेजुएला में सक्रिय एकमात्र अमेरिकी तेल कंपनी है।
तेल टैंकरों की जब्ती
इस बीच, अमेरिकी सेना ने दो और प्रतिबंधित तेल टैंकर जब्त किए हैं, जिनमें से एक पर रूसी झंडा लगा था। ये घटनाएं दर्शाती हैं कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल निर्यात पर पूरी निगरानी रखना चाहता है।
वेनेजुएला के तेल उद्योग की चुनौतियाँ
विशेषज्ञों के अनुसार, वेनेजुएला का तेल क्षेत्र लंबे समय से भ्रष्टाचार, निवेश की कमी और लापरवाही से जूझ रहा है। वर्तमान में उत्पादन 10 लाख बैरल प्रतिदिन से भी कम है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इसे धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है।