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अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर शुल्क वृद्धि से भारतीय शेयर बाजार में गिरावट

अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लागू होने के बाद, भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट दर्ज की गई है। विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट अमेरिकी शुल्क वृद्धि और विदेशी पूंजी की निकासी के कारण हुई है। जानें इस स्थिति का विस्तृत विश्लेषण और निवेशकों की मनोदशा पर इसके प्रभाव के बारे में।
 

भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट

अमेरिका में भारतीय उत्पादों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लागू होने के अगले दिन, बृहस्पतिवार को स्थानीय शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट देखी गई। सेंसेक्स 706 अंक गिरकर 80,080.57 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी में 211 अंकों की कमी आई।


विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी शुल्क में वृद्धि और विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी ने निवेशकों की धारणा को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया।


अमेरिकी राष्ट्रपति का निर्णय

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क का प्रभाव बुधवार से लागू हुआ, जिससे भारतीय वस्तुओं पर अमेरिका में कुल शुल्क 50 प्रतिशत हो गया।


बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 705.97 अंक यानी 0.87 प्रतिशत गिरकर 80,080.57 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 773.52 अंक गिरकर 80,013.02 पर भी पहुंच गया।


एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 211.15 अंक यानी 0.85 प्रतिशत गिरकर 24,500.90 अंक पर बंद हुआ।


नुकसान में कंपनियां

सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में एचसीएल टेक, इन्फोसिस, पावर ग्रिड, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचडीएफसी बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, भारती एयरटेल और आईसीआईसीआई बैंक प्रमुख रूप से नुकसान में रहे।


हालांकि, टाइटन, लार्सन एंड टुब्रो, मारुति और एक्सिस बैंक के शेयरों में बढ़त देखने को मिली।


निवेशकों की मनोदशा

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि भारतीय वस्तुओं पर शुल्क लागू होने के बाद निराशा के कारण घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए।


कपास आयात शुल्क में छूट ने कुछ समय के लिए नीतिगत समर्थन की उम्मीदें बढ़ा दीं, लेकिन निवेशकों की मनोदशा नाजुक बनी रही।


सरकार की पहल

सरकार ने कपड़ा निर्यातकों की सहायता के लिए कपास के शुल्क-मुक्त आयात को तीन महीने और बढ़ाकर 31 दिसंबर तक कर दिया है।


एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और चीन का शंघाई कंपोजिट सकारात्मक दायरे में बंद हुए, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट में रहा।


यूरोपीय बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला।


अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति

बुधवार को अमेरिकी बाजार सकारात्मक दायरे में बंद हुए। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.62 प्रतिशत गिरकर 67.63 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।


शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 6,516.49 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 7,060.37 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।


गणेश चतुर्थी के उपलक्ष्य में बुधवार को घरेलू शेयर बाजार बंद रहे थे।