अमेरिकी शेयर बाजार में 23 घंटे ट्रेडिंग का नया युग शुरू
वॉल स्ट्रीट पर नया बदलाव
वॉल स्ट्रीट, जो दुनिया का सबसे बड़ा शेयर बाजार है, अब एक महत्वपूर्ण बदलाव की ओर बढ़ रहा है। अमेरिकी शेयर बाजार में अब तक ट्रेडिंग का समय समाप्त होने के बाद कई घंटों तक बंद रहता था। लेकिन दिसंबर से, बाजार रातभर खुला रहेगा, जिससे निवेशक लगभग 23 घंटे तक शेयरों का लेन-देन कर सकेंगे।
नए ओवरनाइट ट्रेडिंग सत्र की शुरुआत
नैस्डैक, एनवाईएसई अर्का, 24X नेशनल एक्सचेंज और सीबीओई ईडीजीएक्स जैसे प्रमुख एक्सचेंज रात 9 बजे से सुबह 4 बजे (न्यूयॉर्क समय) तक ओवरनाइट ट्रेडिंग सत्र शुरू करने की योजना बना रहे हैं। यह नया समय नियमित ट्रेडिंग घंटों और प्री-मार्केट या पोस्ट-मार्केट से अलग होगा।
23 घंटे ट्रेडिंग का निर्णय क्यों?
अमेरिकी एक्सचेंजों द्वारा यह महत्वपूर्ण बदलाव दो मुख्य कारणों से किया जा रहा है:
1. विदेशी निवेशकों की बढ़ती रुचि: एशिया और यूरोप जैसे विभिन्न टाइम जोन में स्थित निवेशक अमेरिकी कंपनियों के शेयरों में रुचि दिखा रहे हैं। रातभर बाजार खुला रहने से उन्हें अपने दिन के समय में ट्रेडिंग करने का अवसर मिलेगा।
2. क्रिप्टो और प्रेडिक्शन मार्केट्स से प्रतिस्पर्धा: क्रिप्टोकरेंसी और अन्य डिजिटल मार्केट्स 24 घंटे काम करते हैं। पारंपरिक बाजारों को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
रात के समय ट्रेडिंग का बढ़ता वॉल्यूम
हालांकि वर्तमान में रात के समय होने वाली ट्रेडिंग का कुल वॉल्यूम केवल 1% के आसपास है, लेकिन पिछले वर्ष की तुलना में ओवरनाइट ट्रेडिंग में 358% की वृद्धि देखी गई है।
संस्थागत निवेशकों की चिंताएं
जहां आम और विदेशी खुदरा निवेशक इस निर्णय का स्वागत कर रहे हैं, वहीं बड़े संस्थागत निवेशक जैसे म्यूचुअल फंड और इन्वेस्टमेंट बैंक कुछ चिंतित हैं:
कम लिक्विडिटी का जोखिम: रात के समय बाजार में खरीदारों और बिकवालों की संख्या कम हो सकती है, जिससे शेयरों को सही कीमत पर बेचना मुश्किल हो सकता है।
कीमतों में उतार-चढ़ाव: खरीदार और विक्रेता के बीच बड़ा अंतर होने के कारण शेयरों की कीमतों में अचानक उतार-चढ़ाव आ सकता है।
कर्मचारियों का स्वास्थ्य: चौबीसों घंटे काम करने के दबाव से ट्रेडर्स की मानसिक और शारीरिक सेहत पर असर पड़ने की चिंता भी व्यक्त की जा रही है।
नई व्यवस्था का कार्यान्वयन
दिसंबर से लागू होने वाली इस व्यवस्था में एक्सचेंजों को रात 8 बजे से 9 बजे के बीच एक घंटे के लिए बंद रखा जाएगा। इस ब्रेक में तकनीकी रखरखाव, सिस्टम अपडेट और सौदों का सेटलमेंट किया जाएगा। अमेरिका का प्रमुख क्लीयरिंग हाउस और डेटा प्रदाता एजेंसियां इस बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
संक्षेप में, दिसंबर के बाद से अमेरिकी शेयर बाजार भी वैश्विक वित्तीय बाजारों की तरह लगभग नॉन-स्टॉप काम करने की दिशा में एक कदम और बढ़ जाएगा।