अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी, सुप्रीम कोर्ट के फैसले का असर
शेयर बाजार में जोरदार उछाल
शुक्रवार को अमेरिका के शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। यह उछाल उस समय आया जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को अवैध करार दिया। जीडीपी के कमजोर आंकड़ों के बावजूद, इस निर्णय ने निवेशकों में उत्साह भर दिया और बाजार में तेजी आई।
डाउ जोन्स और अन्य सूचकांकों में वृद्धि
सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन, डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 201 अंक यानी 0.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। एसएंडपी 500 में भी 0.4 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। वहीं, टेक शेयरों के सूचकांक नैस्डैक कंपोजिट में 0.5 प्रतिशत की तेजी आई। गूगल की मूल कंपनी, अल्फाबेट इंक. के शेयरों में लगभग 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसने नैस्डैक को मजबूती प्रदान की।
बाजार पर शुरुआती दबाव
कारोबार की शुरुआत में बाजार में दबाव था, लेकिन जैसे ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आयात शुल्क लगाने वाला कानून राष्ट्रपति को ऐसा करने की अनुमति नहीं देता, बाजार में तेजी लौट आई। इस फैसले ने व्यापारिक तनाव को कम करने और कंपनियों की लागत घटाने की उम्मीद जगाई है। निवेशकों का मानना है कि इससे कंपनियों के मुनाफे और वैश्विक सप्लाई चेन को राहत मिल सकती है।
कमजोर आर्थिक संकेतों के बावजूद बाजार में तेजी
साप्ताहिक आधार पर, डाउ जोन्स में मामूली 0.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। एसएंडपी 500 लगभग 0.7 प्रतिशत ऊपर है, जबकि नैस्डैक ने पांच हफ्तों की गिरावट को तोड़ते हुए 1 प्रतिशत से अधिक चढ़ने की राह पकड़ी है।
हालांकि, आर्थिक आंकड़े उतने मजबूत नहीं रहे। चौथी तिमाही में अमेरिका की जीडीपी वृद्धि दर 1.4 प्रतिशत रही, जो अनुमानित 2.5 प्रतिशत से कम है। इससे पहले की तिमाही में 4.4 प्रतिशत की तेज वृद्धि दर्ज की गई थी। अमेरिकी वाणिज्य विभाग के अनुसार, लंबे समय तक चले सरकारी शटडाउन ने विकास दर पर भारी असर डाला और लगभग 1 प्रतिशत की कमी का कारण बना। इस बीच, महंगाई का दबाव बना हुआ है। फेडरल रिजर्व द्वारा पसंद किया जाने वाला मुद्रास्फीति का पैमाना स्थिर बना रहा। कुल मिलाकर, अदालत के फैसले ने कमजोर आर्थिक संकेतों के बावजूद बाजार में नई ऊर्जा भर दी।