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अशोक लेलैंड का लाभ 1.5% बढ़ा, पहली तिमाही में 667.77 करोड़ रुपये

अशोक लेलैंड लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 1.5% की वृद्धि के साथ 667.77 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध लाभ दर्ज किया है। कंपनी ने इस अवधि में 48,763 वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री की, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। निदेशक मंडल ने महत्वपूर्ण निवेशों को मंजूरी दी है, और चेयरमैन धीरज हिंदुजा ने भविष्य की संभावनाओं को सकारात्मक बताया है। हालांकि, बढ़ती सामग्री लागत एक चिंता का विषय बनी हुई है।
 

अशोक लेलैंड का वित्तीय प्रदर्शन

वाणिज्यिक वाहन निर्माता अशोक लेलैंड लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ में 1.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जो 667.77 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की इसी तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 657.72 करोड़ रुपये था। कंपनी ने शुक्रवार को शेयर बाजार को सूचित किया कि समीक्षाधीन तिमाही में एकीकृत परिचालन आय 13,069.59 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 11,708.54 करोड़ रुपये थी।


निवेश और खर्च

कंपनी के निदेशक मंडल ने अपनी ब्रिटेन स्थित सहायक कंपनी ऑप्टारे पीएलसी में 2.5 करोड़ पाउंड (लगभग 325 करोड़ रुपये) और हिंदुजा हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के शेयरों में द्वितीयक खरीद के माध्यम से 500 करोड़ रुपये तक के निवेश को मंजूरी दी है। समीक्षाधीन तिमाही में कुल खर्च बढ़कर 12,314.66 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 10,920.53 करोड़ रुपये था।


बिक्री में वृद्धि

कंपनी ने आलोच्य तिमाही में 48,763 वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री की, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 44,238 इकाई थी। अशोक लेलैंड के चेयरमैन धीरज हिंदुजा ने कहा कि कंपनी ने अनुशासित क्रियान्वयन और प्रभावी लागत प्रबंधन के माध्यम से एक और मजबूत तिमाही का प्रदर्शन किया है।


भविष्य की संभावनाएं

उन्होंने आगे कहा कि प्रमुख क्षेत्रों में मांग मजबूत बनी हुई है और भविष्य की संभावनाएं भी सकारात्मक हैं। 'परिवर्तन' जैसी सरकारी पहलों से वाहनों के बेड़े के आधुनिकीकरण में तेजी आएगी और वाणिज्यिक वाहन उद्योग की दीर्घकालिक वृद्धि को समर्थन मिलेगा। हिंदुजा ने यह भी बताया कि कंपनी की इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली सहायक कंपनी स्विच मोबिलिटी को लगातार अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।


विकास की रणनीतियाँ

उन्होंने कहा कि कंपनी अपने विकास के स्रोतों में विविधता लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों और रक्षा क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को मजबूत कर रही है। अशोक लेलैंड के प्रबंध निदेशक और सीईओ शेनु अग्रवाल ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय वाणिज्यिक वाहन उद्योग में मजबूती बनी हुई है।


चुनौतियाँ और पहल

अग्रवाल ने कहा कि यह उद्योग की मजबूत बुनियाद और निरंतर वृद्धि की क्षमता को दर्शाता है। हालांकि, बढ़ती सामग्री लागत चिंता का विषय बनी हुई है। कंपनी बेहतर मूल्य प्राप्ति, लागत में कटौती, उत्पाद और कारोबारी मिश्रण में सुधार, और अवसर के अनुसार उत्पाद का भंडार तैयार करने जैसी पहलों पर काम कर रही है।