आंध्र प्रदेश में वाणिज्यिक कर संग्रह में 18% की वृद्धि
वाणिज्यिक कर संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि
विजयवाड़ा, 2 अक्टूबर: आंध्र प्रदेश में वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में वाणिज्यिक कर संग्रह में सालाना आधार पर 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 30,435.98 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। राज्य के वाणिज्यिक कर विभाग के अनुसार, सितंबर में अब तक का सबसे अधिक मासिक संग्रह दर्ज किया गया। सितंबर में वाणिज्यिक कर संग्रह 4,986.18 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष के 4,334.84 करोड़ रुपये की तुलना में 15.03 प्रतिशत अधिक है।
पहली छमाही का संग्रह
अप्रैल से सितंबर की अवधि में संग्रह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 4,543.06 करोड़ रुपये अधिक रहा। इस दौरान शुद्ध माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह 18 प्रतिशत बढ़कर 19,635.49 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष 16,760.21 करोड़ रुपये था। अकेले सितंबर में शुद्ध जीएसटी संग्रह 14.10 प्रतिशत बढ़कर 3,182.87 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 2,789.50 करोड़ रुपये था।
वृद्धि के कारण
विभाग ने इस वृद्धि का श्रेय कर अनुपालन में सुधार, प्रवर्तन कार्रवाई, राजस्व की निगरानी और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार को दिया है। सितंबर में आंध्र प्रदेश को एकीकृत माल एवं सेवा कर (आईजीएसटी) निपटान के तहत 1,927.62 करोड़ रुपये मिले, जो पिछले वर्ष के 1,604.69 करोड़ रुपये से 20.12 प्रतिशत अधिक है। विभाग ने बताया कि यह वृद्धि राज्य में माल और सेवाओं की खपत में वृद्धि के कारण हुई।
जीएसटी दरों में बदलाव का प्रभाव
वर्ष के दौरान जीएसटी दरों में बदलाव के बावजूद राजस्व में वृद्धि हुई। विभाग के अनुसार, प्रौद्योगिकी आधारित कर निगरानी ने भी इसमें योगदान दिया। इसमें कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित आंकड़ों का विश्लेषण, स्वचालित जांच, आईजीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट में गलत दावों को ठीक करना, यूपीआई लेनदेन का विश्लेषण, बिजली वितरण कंपनियों के आंकड़ों से पंजीकरण का सत्यापन और पेशेवर कर के लिए आधार से जुड़ी व्यवस्था शामिल है।