आईएचजी का भारत में होटल विस्तार: एक नई दिशा में कदम
आईएचजी ने भारत में अपने होटल नेटवर्क के विस्तार के लिए एक नई रणनीति अपनाई है, जिसमें 1,000 होटलों का लक्ष्य शामिल है। कंपनी का मानना है कि भारत का हॉस्पिटैलिटी सेक्टर अपार संभावनाओं से भरा है। एली मालौफ ने बताया कि भारत में अंतरराष्ट्रीय ब्रांडेड होटल कमरों की संख्या न्यूयॉर्क के मैनहैटन से भी कम है, जो इस क्षेत्र में विकास की संभावनाओं को दर्शाता है। जानें कैसे आईएचजी भारत को अपने वैश्विक रणनीति में एक महत्वपूर्ण बाजार मानती है।
Jan 15, 2026, 21:51 IST
भारत में होटल और पर्यटन का नया युग
भारत का होटल और पर्यटन क्षेत्र अब केवल स्थानीय खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रह गया है। अंतरराष्ट्रीय होटल श्रृंखलाएं भी इसे भविष्य के सबसे बड़े अवसरों में से एक मानने लगी हैं। इस संदर्भ में, विश्व की प्रमुख होटल कंपनियों में से एक, आईएचजी, ने भारत में अपने विस्तार के लिए एक आक्रामक रणनीति अपनाने के संकेत दिए हैं।
आईएचजी का विस्तार लक्ष्य
वर्तमान में, आईएचजी भारत में लगभग 50 होटल संचालित कर रही है, लेकिन कंपनी का इरादा अगले पांच वर्षों में इस संख्या को कई गुना बढ़ाने का है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आईएचजी ने मध्यावधि में 400 होटलों का लक्ष्य रखा है, जिसमें चालू और निर्माणाधीन दोनों प्रकार की संपत्तियाँ शामिल होंगी। इसके अलावा, कंपनी की दीर्घकालिक योजना भारत में 1,000 होटल स्थापित करने की है।
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की संभावनाएँ
आईएचजी के सीईओ एली मालौफ ने हाल ही में एक टीवी साक्षात्कार में भारत के हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने एक दिलचस्प तुलना करते हुए कहा कि वर्तमान में भारत में अंतरराष्ट्रीय ब्रांडेड होटल कमरों की संख्या अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के मैनहैटन क्षेत्र से भी कम है। यह आंकड़ा भारत में मौजूद अपार संभावनाओं को दर्शाता है।
बदलते हालात और निवेश
आईएचजी पिछले लगभग 50 वर्षों से भारत में सक्रिय है, लेकिन कंपनी का मानना है कि पिछले एक दशक में परिस्थितियाँ पूरी तरह बदल गई हैं। एली मालौफ के अनुसार, देश में सड़कों, रेलवे और हवाई अड्डों पर बढ़ते निवेश ने यात्रा को अधिक सुगम बना दिया है। भारत की जीडीपी वृद्धि, जो पहले कम सिंगल डिजिट में थी, अब 6 से 8 प्रतिशत के बीच पहुँच चुकी है।
यात्रा की मांग में वृद्धि
जानकारी के अनुसार, व्यापार से जुड़े नियमों में ढील, एयर ट्रैवल का तेजी से विस्तार और बढ़ता मध्यम वर्ग, ये सभी ऐसे कारक हैं जिन्होंने यात्रा की मांग को तेजी से बढ़ाया है। हालांकि, आईएचजी का मानना है कि उच्च गुणवत्ता वाले होटलों की आपूर्ति अभी भी इस मांग के अनुरूप नहीं हो पाई है। यही कारण है कि कंपनी भारत को अपने विस्तार के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार मान रही है।
वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाएँ
वर्तमान में, आईएचजी के लगभग 80 होटल भारत में निर्माण या विकास के विभिन्न चरणों में हैं। कुल मिलाकर, कंपनी के पास लगभग 130 होटल हैं, जो या तो चालू हैं या जल्द ही शुरू होने वाले हैं। कंपनी का मानना है कि यह गति अगले पांच वर्षों में 400 होटलों के लक्ष्य तक पहुँचने के लिए एक मजबूत आधार तैयार करती है।
भारत का महत्व
एली मालौफ ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में भारत, आईएचजी के लिए दुनिया के शीर्ष तीन बाजारों में शामिल हो सकता है। उन्होंने कहा कि लगभग डेढ़ अरब की जनसंख्या और आने वाले 15 वर्षों में 40 करोड़ से अधिक लोगों का मध्यम वर्ग में शामिल होना, इस बाजार को अत्यधिक आकर्षक बनाता है। व्यवसाय यात्रा, अवकाश पर्यटन, धार्मिक यात्रा और शादियों से संबंधित पर्यटन सभी भारत में तेजी से बढ़ रहे हैं।
चीन के अनुभव से सीख
आईएचजी अपने चीन के अनुभव को भारत के लिए एक उदाहरण के रूप में देख रही है। कंपनी चीन में 2027 की शुरुआत तक 1,000 होटलों का लक्ष्य हासिल करने की तैयारी में है, जबकि चीन की जनसंख्या भारत की तुलना में कम है। इस प्रकार, आईएचजी का मानना है कि युवा जनसंख्या और बुनियादी ढांचे में हो रहे निवेश को देखते हुए भारत में भी लंबे समय में 1,000 होटलों का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
होटल साइनिंग में वृद्धि
पिछले तीन वर्षों में भारत में होटल साइनिंग के मामले में रिकॉर्ड दर्ज किए गए हैं, जो इस क्षेत्र में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। आईएचजी का यह आक्रामक रुख वास्तव में पूरे भारतीय हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में वैश्विक कंपनियों की सकारात्मक सोच को भी दर्शाता है।
आईएचजी की वैश्विक रणनीति
एली मालौफ के अनुसार, भारत आईएचजी के अन्य बाजारों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर रहा है, बल्कि उन्हें पूरक बना रहा है। कंपनी का मानना है कि वह उत्तरी अमेरिका, यूरोप, चीन और भारत में एक साथ विस्तार कर सकती है। इस दृष्टिकोण से, भारत आईएचजी की वैश्विक रणनीति में एक केंद्रीय भूमिका निभाने की दिशा में बढ़ रहा है, जहाँ आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर निवेश और विस्तार देखने को मिल सकता है।