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आईजीएक्स को आईपीओ लाने की मिली मंजूरी, प्राकृतिक गैस कारोबार में नया अध्याय

इंडियन गैस एक्सचेंज लिमिटेड (आईजीएक्स) ने अपने आईपीओ के लिए सेबी से मंजूरी प्राप्त की है। यह पूरी तरह से बिक्री पेशकश पर आधारित है, जिसमें प्रवर्तक आईईएक्स 1.67 करोड़ शेयर बेचेगा। इस कदम से कंपनी की दृश्यता बढ़ने और ब्रांड छवि मजबूत होने की उम्मीद है। जानें इस आईपीओ के पीछे की कहानी और कंपनी के भविष्य की योजनाएं।
 

आईजीएक्स का आईपीओ: एक नई शुरुआत

भारत का पहला ऑनलाइन डिलिवरी आधारित प्राकृतिक गैस व्यापार मंच, इंडियन गैस एक्सचेंज लिमिटेड (आईजीएक्स), ने सोमवार को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से अपने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए स्वीकृति प्राप्त की है। यह जानकारी नियामक के एक अद्यतन में दी गई है। कंपनी के दस्तावेजों के अनुसार, यह प्रस्तावित आईपीओ पूरी तरह से बिक्री पेशकश (ओएफएस) पर आधारित होगा।


इस प्रक्रिया के तहत, प्रवर्तक इंडियन एनर्जी एक्सचेंज लिमिटेड (आईईएक्स) आईजीएक्स के 1.67 करोड़ तक के इक्विटी शेयरों की बिक्री करेगा। चूंकि यह निर्गम पूरी तरह ओएफएस है, इसलिए आईजीएक्स को आईपीओ से कोई राशि प्राप्त नहीं होगी। बिक्री से प्राप्त सभी धन आईईएक्स को जाएगा।


आईजीएक्स ने जुलाई में आईपीओ के लिए प्रारंभिक दस्तावेज प्रस्तुत किए थे। सेबी ने 12 अक्टूबर को दस्तावेजों की समीक्षा के बाद अपनी अंतिम टिप्पणी जारी की। सेबी की स्वीकृति ने कंपनी को नियामकीय आवश्यकताओं के अनुसार सार्वजनिक निर्गम की तैयारियों को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान किया है।


यह मंजूरी ऐसे समय में मिली है जब आईपीओ के माध्यम से धन जुटाने की गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। कंपनियों ने वर्ष 2026 में अब तक 96 सार्वजनिक निर्गमों के जरिए 1.1 लाख करोड़ रुपये से अधिक जुटाए हैं। इस महीने कई और आईपीओ आने की संभावना है, जो प्राथमिक बाजार में निरंतर गतिविधियों का संकेत देते हैं।


आईजीएक्स ने अपने दस्तावेजों में उल्लेख किया है कि आईपीओ का मुख्य उद्देश्य शेयर बाजार में अपने इक्विटी शेयरों को सूचीबद्ध कराने का लाभ उठाना है। कंपनी को उम्मीद है कि इससे उसकी दृश्यता में वृद्धि होगी, ब्रांड छवि मजबूत होगी और उसके शेयरों के लिए सार्वजनिक बाजार उपलब्ध होगा। आईईएक्स की आईजीएक्स में 47 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है।


नियमों के अनुसार, उसे अपनी हिस्सेदारी घटाकर 25 प्रतिशत करनी होगी। आईजीएक्स की स्थापना नवंबर 2019 में आईईएक्स की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के रूप में हुई थी। इसका इलेक्ट्रॉनिक गैस व्यापार मंच जून 2020 में शुरू किया गया था।


कंपनी को दिसंबर 2020 में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) से गैस एक्सचेंज के रूप में कार्य करने की अनुमति मिली थी। आईजीएक्स के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राजेश कुमार मेदिरत्ता ने जनवरी में कहा था कि देश का पहला ऑनलाइन डिलिवरी आधारित प्राकृतिक गैस व्यापार मंच दिसंबर 2026 तक आईपीओ लाने का लक्ष्य रखता है।