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आईटीसी और गोदफ्रे फिलिप्स के शेयरों में भारी गिरावट, तंबाकू कर वृद्धि का असर

बुधवार को शेयर बाजार में आईटीसी लिमिटेड और गोदफ्रे फिलिप्स इंडिया लिमिटेड के शेयरों में भारी गिरावट आई। इसका मुख्य कारण सरकार द्वारा तंबाकू उत्पादों पर लगाए गए नए उच्च कर हैं। आईटीसी के शेयरों में 10% और गोदफ्रे के शेयरों में 17% की गिरावट देखी गई। विश्लेषकों का मानना है कि इस कर वृद्धि से सिगरेट की कीमतों में बढ़ोतरी होगी, जिसका असर बाजार और उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। जानें इस विषय पर और क्या कहा जा रहा है।
 

शेयर बाजार में गिरावट का कारण

बुधवार को शेयर बाजार में आईटीसी लिमिटेड के शेयरों में उल्लेखनीय गिरावट आई, जो पिछले छह वर्षों में सबसे बड़ी मानी जा रही है। इस गिरावट का मुख्य कारण सरकार द्वारा तंबाकू उत्पादों पर लगाए गए नए उच्च कर को बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, 1 फरवरी से सिगरेट पर प्रति 1,000 स्टिक 2,050 रुपये से बढ़ाकर 8,500 रुपये तक का उत्पाद शुल्क लागू किया जाएगा.


टैक्स वृद्धि का प्रभाव

इस नए शुल्क के साथ राष्ट्रीय आपदा कर भी जारी रहेगा, जिससे विश्लेषकों का अनुमान है कि कुल टैक्स में 30% से अधिक की वृद्धि हो सकती है। आईटीसी के शेयरों में 10% तक की गिरावट आई, जबकि गोदफ्रे फिलिप्स इंडिया लिमिटेड के शेयर मुंबई में 17% नीचे बंद हुए। दोनों कंपनियों के ट्रेडिंग वॉल्यूम सामान्य से 20 गुना अधिक रहे। आईटीसी क्लासिक और गोल्ड फ्लेक जैसे सिगरेट ब्रांड बेचती है, जबकि गोदफ्रे मार्लबोरो और फोर स्क्वायर जैसे ब्रांड का संचालन करती है.


आईटीसी की आय पर असर

यह ध्यान देने योग्य है कि आईटीसी की कुल आय का 40% हिस्सा सिगरेट से आता है, इसलिए इस कर वृद्धि से कंपनी की बिक्री पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है। जेफ़रीज़ फाइनेंशियल ग्रुप के विश्लेषकों का कहना है कि यदि कीमतों में वृद्धि ग्राहकों पर डाली जाती है, तो इसे कम से कम 15% तक बढ़ाना पड़ सकता है.


सरकार का उद्देश्य

यह कर वृद्धि वस्तु एवं सेवा कर 40% के साथ लागू होगी और इसका उद्देश्य सितंबर में किए गए व्यापक टैक्स कटौती से हुए राजस्व नुकसान की भरपाई करना है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह कदम तंबाकू उत्पादों की कीमत को उच्च बनाए रखने और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए एक प्रभावी उपाय है. मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि इससे तंबाकू उत्पादों की तस्करी या ग्रे मार्केट के बढ़ने का जोखिम नहीं है.


तंबाकू उपभोक्ताओं की संख्या

भारत में 2.53 करोड़ से अधिक लोग तंबाकू का सेवन करते हैं, जो वैश्विक स्तर पर दूसरी सबसे बड़ी संख्या है। सरकार ने हाल ही में स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा कर भी लागू किया है, और मार्च में IPL में इन उत्पादों के विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाने की योजना बनाई है.


विशेषज्ञों की राय

आईटीसी और गोदफ्रे फिलिप्स की ओर से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि कर वृद्धि से सिगरेट की कीमत में बढ़ोतरी होगी और इसका प्रभाव बाजार और उपभोक्ताओं दोनों पर दिखाई देगा.