आईटीसी का आशीर्वाद ब्रांड: खाद्य उत्पादों में विस्तार की नई रणनीति
आशीर्वाद ब्रांड का विकास
आईटीसी अपने प्रमुख खाद्य ब्रांड 'आशीर्वाद' को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की योजना बना रहा है। कंपनी को उम्मीद है कि अगले पांच वर्षों में आशीर्वाद के उत्पादों पर उपभोक्ता खर्च मौजूदा 10,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 20,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। आईटीसी के खाद्य विभाग के सीईओ और कार्यकारी निदेशक हेमंत मलिक ने बताया कि कंपनी आशीर्वाद के लिए एक दोहरी रणनीति पर काम कर रही है।
नई उत्पाद श्रेणियों में विस्तार
इस रणनीति के तहत, एक ओर आटा कारोबार को मजबूत किया जाएगा, जबकि दूसरी ओर रेडी-टू-कुक, फ्रोजन फूड और अन्य खाद्य श्रेणियों में विस्तार किया जाएगा। आशीर्वाद, जो मई 2002 में पूरी तरह गेहूं के आटे के ब्रांड के रूप में शुरू हुआ था, अब देश के प्रमुख रसोई ब्रांडों में से एक बन चुका है। कंपनी के पास 200 से अधिक स्टॉक कीपिंग यूनिट्स (एसकेयू) हैं।
उपभोक्ता की बदलती जरूरतों का ध्यान
आटा कारोबार से आगे बढ़ते हुए, ब्रांड ने स्टेपल्स, मसाले, ताजा खाद्य पदार्थ और फ्रोजन उत्पादों में भी अपनी उपस्थिति बढ़ाई है। मलिक ने कहा कि आटा श्रेणी में विकास की काफी संभावनाएं हैं। उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, कंपनी मल्टीग्रेन, हाई-प्रोटीन, ऑर्गेनिक और मिलेट आधारित आटा जैसे उत्पादों पर जोर दे रही है।
प्रीमियम उत्पादों की परिभाषा
उनके अनुसार, प्रीमियम उत्पादों का अर्थ केवल अधिक कीमत नहीं है, बल्कि बेहतर गुणवत्ता, सुविधा और स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी वास्तविक लाभ प्रदान करना भी है। आशीर्वाद ब्रांड अब नए उपभोक्ता वर्ग और नए उपयोग के अवसरों की खोज कर रहा है, जिसमें बेसन, सेवईं, रवा, सोया चंक्स, फ्रोजन नान और पराठे तथा ताजा चटनी और सांभर शामिल हैं।
रेडी-टू-कुक उत्पादों की पेशकश
कंपनी ने रेडी-टू-कुक श्रेणी में भी कदम रखा है। आशीर्वाद की तैयार चपातियां विशेष रूप से समय की कमी से जूझ रहे युवा परिवारों के लिए बनाई गई हैं। एक पैक में 10 चपातियां होती हैं और इनमें किसी भी प्रकार के अतिरिक्त प्रिजर्वेटिव नहीं होते। इनका उपयोग पांच से छह दिनों के भीतर किया जा सकता है।
सत्तू का नया उत्पाद
आशीर्वाद का एक और नया उत्पाद सत्तू है। आईटीसी ने बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में आशीर्वाद चना सत्तू पेश किया है। कंपनी के अनुसार, सत्तू प्रोटीन और फाइबर से भरपूर है और स्वाद और उपयोगिता के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
विस्तार की योजनाएं
कंपनी ने इसे पूर्वी भारत के बाजारों में लॉन्च किया है, लेकिन अब इसे पूरे देश में उपलब्ध कराने की योजना है। आशीर्वाद चना सत्तू पारंपरिक तरीके से बालू में भूनकर तैयार किया जाता है। बिहार में जीरा युक्त चना सत्तू और पश्चिम बंगाल व झारखंड में सादा चना सत्तू उपलब्ध है।
वैल्यू पैक की पेशकश
कंपनी ने 10 रुपये का वैल्यू पैक भी पेश किया है, जिसमें 10 ग्राम प्रोटीन मिलता है। आईटीसी के अनुसार, आशीर्वाद के उत्पादों का निर्माण देशभर में फैली 66 उत्पादन इकाइयों के नेटवर्क के माध्यम से किया जाता है। इससे कंपनी को विभिन्न क्षेत्रों की जरूरतों के अनुसार उत्पाद उपलब्ध कराने और उन्हें अधिक ताजगी के साथ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में मदद मिलती है।
भविष्य की योजनाएं
वित्त वर्ष 2025-26 में आईटीसी के रोजमर्रा के उपभोग का सामान (एफएमसीजी) लगभग 28 करोड़ परिवारों तक पहुंचा और इनसे लगभग 37,000 करोड़ रुपये का उपभोक्ता खर्च दर्ज हुआ। कंपनी का लक्ष्य अब आशीर्वाद को केवल आटा ब्रांड तक सीमित नहीं रखना, बल्कि इसे एक व्यापक खाद्य ब्रांड के रूप में विकसित करना है, जो रोजमर्रा के भोजन से जुड़ी विभिन्न जरूरतों को पूरा कर सके।