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आईटीसी की सितंबर तिमाही में मुनाफे में गिरावट, गैर-सिगरेट कारोबार में वृद्धि

आईटीसी लिमिटेड ने सितंबर तिमाही के दौरान मुनाफे में गिरावट की सूचना दी है, जबकि गैर-सिगरेट कारोबार में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। सिगरेट की बिक्री में कमी के बावजूद, बिस्कुट, नमकीन और अन्य उत्पादों की मांग में वृद्धि ने कंपनी के अन्य कारोबार को मजबूती प्रदान की है। जानें इस तिमाही के वित्तीय परिणाम और कंपनी की चुनौतियों के बारे में।
 

आईटीसी के वित्तीय परिणाम

आईटीसी लिमिटेड ने सितंबर तिमाही के दौरान अपने कारोबार में अच्छी वृद्धि के बावजूद, मुनाफे में कमी की सूचना दी है। सिगरेट की बिक्री में आई गिरावट ने कंपनी के लाभ पर नकारात्मक प्रभाव डाला है। हालांकि, बिस्कुट, नमकीन, मसाले और घरेलू उपयोग के सामानों की मांग में वृद्धि ने गैर-सिगरेट कारोबार को मजबूती प्रदान की है।


मुनाफे में कमी

कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी करते हुए बताया कि जुलाई से सितंबर के बीच उसका एकीकृत शुद्ध मुनाफा 18.6 प्रतिशत घटकर 5,126 करोड़ रुपये रह गया। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 6,294 करोड़ रुपये था। सिगरेट की बिक्री में कमी को इसके लिए मुख्य कारण बताया गया है।


परिचालन आय में वृद्धि

इसके बावजूद, कंपनी की परिचालन आय में 44 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 30,578 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। पिछले साल की इसी तिमाही में यह 21,256 करोड़ रुपये थी।


सिगरेट कारोबार पर दबाव

कंपनी ने बताया कि सिगरेट पर कर में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण बिक्री पर दबाव बना रहा, जिससे कमाई प्रभावित हुई। कामकाजी स्तर पर भी प्रदर्शन कमजोर रहा, और ब्याज, कर, मूल्यह्रास और कर्ज भुगतान से पहले का मुनाफा 17.4 प्रतिशत घटकर 5,160 करोड़ रुपये रह गया।


गैर-सिगरेट कारोबार की सफलता

सिगरेट के अलावा, आईटीसी के गैर-सिगरेट कारोबार में सालाना आधार पर 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह लगातार चौथी तिमाही है जब इस क्षेत्र ने दो अंकों में वृद्धि दर्ज की है। बिस्कुट, नमकीन, नूडल्स, मसाले, नमक, जमे हुए खाद्य पदार्थ और घरेलू उपयोग के सामानों में 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई।


चुनौतियाँ और रणनीतियाँ

कंपनी ने कच्चे माल की बढ़ती कीमतों, महंगे परिवहन और आपूर्ति में रुकावट जैसी चुनौतियों का सामना किया। पश्चिम एशिया में तनाव और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बाधाओं ने भी कारोबार को प्रभावित किया। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए, कंपनी ने उत्पादों की गुणवत्ता और श्रेणी में सुधार, खर्चों पर नियंत्रण और कीमतों में बदलाव जैसे कदम उठाए।


डिजिटल और जैविक उत्पादों की वृद्धि

कंपनी के डिजिटल माध्यम से बिकने वाले और जैविक उत्पादों के कारोबार ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। योगाबार, 24 मंत्रा, प्रसुमा, मीटिगो और मदर स्पर्श जैसे ब्रांडों की बिक्री में सालाना आधार पर 70 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई।


सिगरेट कारोबार में नए उत्पाद

सिगरेट कारोबार में, कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुरूप नए उत्पाद पेश करने की जानकारी दी। साथ ही, तस्करी के जरिए आने वाली सिगरेट की बढ़ती खेपों पर चिंता जताई।


कृषि और कागज कारोबार में वृद्धि

कृषि कारोबार की आय में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि कागज कारोबार में 36 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। कुल मिलाकर, आईटीसी के परिणाम दर्शाते हैं कि सिगरेट कारोबार पर दबाव के बावजूद, कंपनी के अन्य कारोबार उसकी कमाई को सहारा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।