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आईटीसी लिमिटेड की पहली तिमाही में मुनाफे में गिरावट, सिगरेट पर नए कर का असर

आईटीसी लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में मुनाफे में 27 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है, जो मुख्य रूप से सिगरेट पर नए उत्पाद शुल्क के कारण है। कंपनी की कुल आय में 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, लेकिन सिगरेट कारोबार पर कर का दबाव स्पष्ट है। जानें इस स्थिति के पीछे के कारण और कंपनी की अन्य गतिविधियों के बारे में।
 

आईटीसी लिमिटेड की वित्तीय स्थिति

आईटीसी लिमिटेड, जो देश की प्रमुख विविध कारोबार वाली कंपनियों में से एक है, ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कुछ कठिनाइयों का सामना किया है। जबकि कंपनी की कुल आय में वृद्धि हुई है, मुनाफे पर दबाव बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति सिगरेट पर नए उत्पाद शुल्क और बढ़ते कर बोझ के कारण उत्पन्न हुई है।




30 जून 2026 को समाप्त तिमाही में आईटीसी का शुद्ध लाभ 27 प्रतिशत घटकर 3,579 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में एक महत्वपूर्ण गिरावट है। कंपनी का मुख्य कारोबार सिगरेट बिक्री पर निर्भर है, और इस क्षेत्र में मुनाफे में कमी का सीधा असर उसके समग्र कारोबार पर पड़ा है।




इस वर्ष केंद्र सरकार ने सिगरेट पर उत्पाद शुल्क बढ़ा दिया है, जिसके तहत प्रति एक हजार सिगरेट पर 2,050 रुपये से लेकर 8,500 रुपये तक का शुल्क लगाया गया है। इसके साथ ही 40 प्रतिशत उपभोग कर भी लागू है। विश्लेषकों का मानना है कि यह निर्णय सिगरेट उद्योग के लिए अपेक्षा से अधिक कठिन साबित हुआ है, जिससे कंपनियों की लागत और लाभ दोनों प्रभावित हुए हैं।




हालांकि, कंपनी ने बढ़े हुए कर के प्रभाव को कम करने के लिए सिगरेट की कीमतों में धीरे-धीरे वृद्धि की, लेकिन इसका पूरा लाभ नहीं मिल सका। इसके परिणामस्वरूप, वित्तीय खर्च, कॉरपोरेट व्यय और कर से पहले सिगरेट कारोबार का लाभ लगभग एक तिहाई घट गया है।




कंपनी की कुल आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो पहली तिमाही में 28 प्रतिशत बढ़कर 26,943 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 21,070 करोड़ रुपये थी। यह वृद्धि मुख्य रूप से गैर-सिगरेट उपभोक्ता उत्पादों के कारोबार में मजबूती के कारण हुई है, जिसमें 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।




आईटीसी केवल सिगरेट कारोबार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पैकेज्ड खाद्य पदार्थ, आटा, बिस्कुट, व्यक्तिगत देखभाल उत्पाद, होटल, कृषि कारोबार और कागज जैसे कई क्षेत्रों में सक्रिय है। फिर भी, सिगरेट कारोबार अब भी कंपनी के लाभ का सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है, इसलिए इस क्षेत्र में आने वाली किसी भी चुनौती का असर पूरे वित्तीय प्रदर्शन पर दिखाई देता है।




कंपनी के कुल खर्च में भी तेजी से वृद्धि हुई है, जो पहली तिमाही में 50 प्रतिशत बढ़कर 22,829 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। बढ़ती लागत और कर का दबाव मुनाफे में गिरावट का मुख्य कारण रहा है।




शेयर बाजार में भी कंपनी के तिमाही परिणामों का असर देखने को मिला। शुक्रवार को कारोबार समाप्त होने तक आईटीसी लिमिटेड का शेयर लगभग 1.4 प्रतिशत गिरकर 281 रुपये पर बंद हुआ। इस वर्ष अब तक कंपनी का शेयर करीब 30 प्रतिशत कमजोर हो चुका है, और यह दिन के कारोबार में राष्ट्रीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक में सबसे अधिक गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहा।