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आईटीसी होटल्स की दूसरी तिमाही में मुनाफे में वृद्धि, नए विस्तार की योजनाएं

आईटीसी होटल्स ने हाल ही में अपनी दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणामों में मुनाफे और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि की घोषणा की है। कंपनी ने 20 नए होटलों के लिए समझौते किए हैं और होटल व्यवसाय के विस्तार की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। इसके अलावा, कमरों से होने वाली आय में भी वृद्धि हुई है, जो कंपनी की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जानें इस होटल श्रृंखला की भविष्य की योजनाओं और उद्योग की स्थिति के बारे में।
 

आईटीसी होटल्स का प्रदर्शन

देश में व्यापार और पर्यटन गतिविधियों के चलते होटल उद्योग में मांग में मजबूती बनी हुई है। इसका प्रभाव आईटीसी होटल्स के हालिया वित्तीय परिणामों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। कंपनी ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में अपनी आय और लाभ दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। इस अवधि में होटल व्यवसाय से प्राप्त राजस्व में पिछले वर्ष की तुलना में 26% की बढ़ोतरी हुई है।


राजस्व और मुनाफे में वृद्धि

आईटीसी होटल्स ने दूसरी तिमाही में परिचालन से 1,054 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में अधिक है। कंपनी का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 52% बढ़कर 203 करोड़ रुपये हो गया। इसके अलावा, ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई (एबिटा) 37% बढ़कर 337 करोड़ रुपये हो गई। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि कंपनी की आय में वृद्धि के साथ-साथ मुनाफे में भी सुधार हुआ है।


विस्तार की योजनाएं

कंपनी ने अपने होटल व्यवसाय के विस्तार के लिए भी कदम उठाए हैं। आईटीसी होटल्स ने वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में 20 नए होटलों के लिए समझौते किए हैं। इसके साथ ही, प्रबंधन के तहत आने वाले होटलों की संभावित सूची 84 हो गई है, जिसमें कुल 8,200 कमरे शामिल हैं। कंपनी ने 130 कमरों वाले वेलकमहोटल अहमदाबाद का अधिग्रहण भी पूरा कर लिया है। इसके अतिरिक्त, लखनऊ विकास प्राधिकरण ने उसे लखनऊ में 2.8 एकड़ भूमि आवंटित की है, जो कंपनी की विस्तार योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है।


कमरों से आय में वृद्धि

कंपनी की आय में कमरों से होने वाली आय की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। दूसरी तिमाही में कमरे से मिलने वाला राजस्व सालाना आधार पर 22% बढ़ा। यह वृद्धि कमरों के किराए में वृद्धि और अधिक कमरों के उपयोग के कारण हुई। कंपनी के अनुसार, प्रमुख बाजारों में सामान्य यात्रियों की मांग अच्छी बनी रही है, और नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन ने बैठकों, प्रोत्साहन यात्राओं, सम्मेलनों और प्रदर्शनियों से जुड़े कारोबार को भी बढ़ावा दिया।


होटल उद्योग की मजबूती

हालांकि अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में कमी, वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती और घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या में गिरावट आई है, फिर भी भारत का होटल उद्योग मजबूत बना हुआ है। कंपनी के अनुसार, देश के भीतर यात्रा की मांग, होटल कमरों की उपलब्धता और मांग के बीच बेहतर संतुलन, और परिवहन संपर्क में सुधार ने उद्योग को सहारा दिया है।


भविष्य की संभावनाएं

आईटीसी होटल्स का मानना है कि वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में भी कारोबार की संभावनाएं सकारात्मक हैं। इस दौरान शादियों, बड़े सम्मेलनों, सामाजिक कार्यक्रमों और खेल आयोजनों से होटल कमरों की मांग में वृद्धि हो सकती है। कंपनी के अनुसार, व्यापार और छुट्टियों के लिए यात्रा की निरंतर मांग और प्रमुख बाजारों में नए होटलों की सीमित वृद्धि से किराए और आय को सहारा मिलने की उम्मीद है।