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आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ रुपये का फ्रॉड: आरबीआई की प्रतिक्रिया

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ रुपये के फ्रॉड का मामला सामने आया है, जिससे बैंकिंग क्षेत्र में हलचल मच गई है। आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इस घटना पर ध्यान देने का आश्वासन दिया है, लेकिन उन्होंने इसे पूरे बैंकिंग सिस्टम की समस्या नहीं माना। हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों की शिकायतों के बाद बैंक ने आंतरिक जांच शुरू की है। इस घटना का शेयर बाजार पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और बैंक की कार्रवाई के बारे में।
 

बैंकिंग क्षेत्र में बड़ा फ्रॉड मामला


आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ रुपये के फ्रॉड का मामला हाल ही में चर्चा का विषय बना हुआ है। आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि बैंक इस घटना पर ध्यान दे रहा है, लेकिन यह पूरे बैंकिंग प्रणाली की समस्या नहीं है। यह मामला तब उजागर हुआ जब हरियाणा सरकार के एक विभाग ने खाता बंद करने की सामान्य प्रक्रिया शुरू की।


फ्रॉड का खुलासा कैसे हुआ

हरियाणा सरकार के एक विभाग ने बैंक से खाता बंद करने का अनुरोध किया था। जब बैंक ने फंड ट्रांसफर से पहले बैलेंस की जांच की, तो सरकारी दावे और बैंक के रिकॉर्ड में बड़ा अंतर पाया गया। इस विसंगति ने संदेह को जन्म दिया, और जांच में गड़बड़ी की पुष्टि हुई, जिससे मामला 590 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।


अन्य सरकारी विभागों की शिकायतें

18 फरवरी के बाद, हरियाणा के कई अन्य सरकारी विभागों ने भी बैंक से संपर्क किया और अपने खातों में बैलेंस की कमी की शिकायत की। इन शिकायतों ने जांच को और गहरा कर दिया। बैंक ने उच्च स्तरीय बैठकें आयोजित कीं और रिकॉन्सिलिएशन प्रक्रिया शुरू की। अब पूरी स्थिति की जांच की जा रही है।


आरबीआई का आश्वासन

संजय मल्होत्रा ने कहा कि आरबीआई इस मामले पर पूरी नजर रखे हुए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई सिस्टेमिक समस्या नहीं है। बैंकिंग प्रणाली में ऐसी घटनाएं कभी-कभी हो सकती हैं, लेकिन इसका समग्र प्रभाव नहीं पड़ता। उनका यह बयान बाजार को स्थिर करने के लिए आया है।


बैंक की कार्रवाई

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने तुरंत आंतरिक जांच शुरू कर दी है। बैंक ने रेगुलेटर और अन्य संबंधित प्राधिकरण को भी सूचित कर दिया है। उच्च स्तरीय मीटिंग्स आयोजित की गई हैं और फ्रॉड की गहराई को समझने का प्रयास किया जा रहा है। बैंक ने कहा है कि जांच पूरी होने पर और जानकारी साझा की जाएगी।


शेयर बाजार पर प्रभाव

इस घटना के बाद आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के शेयरों में तेज गिरावट आई है। निवेशकों में चिंता बढ़ गई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आरबीआई के आश्वासन से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन जांच के परिणाम का इंतजार करना होगा। यह बैंक के लिए एक बड़ा संकट बन सकता है।