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आरबीआई के डिप्टी गवर्नर ने बैंकिंग में पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर दिया

आरबीआई के डिप्टी गवर्नर टी रबी शंकर ने हाल ही में बैंकिंग सेवाओं में पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि धोखाधड़ी-मुक्त माहौल बनाने के लिए बैंकिंग उद्योग को सक्रिय प्रयास करने चाहिए। इसके साथ ही, ग्राहकों का विश्वास जीतना और उचित मूल्य निर्धारण सुनिश्चित करना आवश्यक है। जानें इस विषय पर उनके विचार और बैंकिंग प्रणाली में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।
 

बैंकिंग सेवाओं में पारदर्शिता का महत्व

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के उप-गवर्नर टी रबी शंकर ने शुक्रवार को बैंकिंग सेवाओं और उत्पादों में पारदर्शिता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र को धोखाधड़ी-मुक्त वातावरण बनाने के लिए सक्रिय प्रयास करने चाहिए।


शंकर ने इंडियन बैंकिंग टेक्नोलॉजी कॉन्फ्रेंस के 21वें संस्करण के समापन सत्र में यह भी बताया कि ग्राहकों का विश्वास जीतना ही उनकी वफादारी बनाए रखने की कुंजी है।


उप-गवर्नर ने कहा कि यदि हम उत्पादों और सेवाओं की कीमतों को पारदर्शी तरीके से निर्धारित नहीं करते हैं, तो ग्राहक अन्य विकल्पों की ओर बढ़ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश की बैंकिंग प्रणाली प्रभावी मूल्य निर्धारण के लिए जानी जाती है, लेकिन कुछ बुनियादी सिद्धांतों की आवश्यकता है, ताकि उपयोगकर्ता को यह विश्वास हो सके कि वह जो कीमत चुका रहा है, वह उचित है।