आरबीआई ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द किया, जानें कारण
पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को पेटीएम पेमेंट्स बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई बैंक द्वारा पेमेंट्स बैंक नियमों का पालन न करने के कारण की गई है। आरबीआई ने स्पष्ट किया कि बैंक का संचालन जमाकर्ताओं के हितों के लिए हानिकारक था।
केंद्रीय बैंक ने बताया कि वह उच्च न्यायालय में बैंक को बंद करने के लिए याचिका दायर करेगा। आरबीआई के अनुसार, बैंक ने उसे दिए गए लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन किया, जिसके चलते यह निर्णय लिया गया।
नियामक जांच और पूर्व की कार्रवाई
पेटीएम पेमेंट्स बैंक पहले भी कई बार नियामक जांच का सामना कर चुका है। मार्च 2022 में, आरबीआई ने इसे नए ग्राहकों को जोड़ने से रोक दिया था। आरबीआई ने शुक्रवार को बताया कि बैंक का लाइसेंस कारोबार समाप्त होने के बाद रद्द कर दिया गया है। इसके पास इतनी नकदी है कि वह अपने सभी जमाकर्ताओं का पैसा वापस कर सकेगा।
आरबीआई ने कहा, "बैंक के प्रबंधन का सामान्य स्वरूप जमाकर्ताओं और सार्वजनिक हित के लिए हानिकारक है। ऐसे में बैंक को जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है।"
बैंकिंग विनियमन अधिनियम का उल्लंघन
आरबीआई के अनुसार, बैंक कुछ प्रावधानों का पालन नहीं कर रहा था। इसके चलते पेटीएम पेमेंट्स बैंक को तुरंत प्रभाव से बैंकिंग से जुड़े सभी कार्यों से रोक दिया गया है। यह बैंक 23 मई 2017 से पेमेंट्स बैंक के रूप में कार्यरत था।
पेटीएम ने शेयर बाजार को सूचित किया कि उसका पीपीबीएल के साथ कोई महत्वपूर्ण व्यावसायिक समझौता नहीं है। कंपनी ने कहा कि उसकी सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रहेंगी, जिसमें पेटीएम ऐप, पेटीएम यूपीआई, पेटीएम गोल्ड और अन्य सेवाएं शामिल हैं।
कंपनी पर वित्तीय प्रभाव
कंपनी पर इस निर्णय का कोई प्रत्यक्ष वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि उसने पहले ही अपने निवेश को बट्टे खाते में डाल दिया है। पेटीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि उसकी सेवाएं, जैसे पेटीएम क्यूआर, साउंडबॉक्स, कार्ड मशीन, पेमेंट गेटवे और पेटीएम मनी, बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगी।