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आवाडा समूह ने नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 1.3 अरब डॉलर का वित्तपोषण किया

आवाडा समूह ने गुजरात और महाराष्ट्र में 2,150 मेगावाट की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 1.3 अरब डॉलर का वित्तपोषण सुनिश्चित किया है। इस वित्तपोषण में प्रमुख भारतीय वित्तीय संस्थानों की भागीदारी शामिल है। परियोजनाएं राज्य बिजली वितरण कंपनियों के सहयोग से विकसित की जाएंगी, जो दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौतों के तहत किफायती स्वच्छ बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखती हैं। आवाडा समूह के चेयरमैन ने इसे कंपनी की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
 

आवाडा समूह की नई वित्तीय व्यवस्था

आवाडा समूह ने गुजरात और महाराष्ट्र में 2,150 मेगावाट की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 1.3 अरब डॉलर की वित्तीय व्यवस्था की है। कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में बताया कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), आरईसी लिमिटेड और केनरा बैंक जैसे प्रमुख भारतीय वित्तीय संस्थानों ने चार विशेष प्रयोजन इकाइयों (एसपीवी) के माध्यम से इस वित्तपोषण को मंजूरी दी है। इसमें 1.35 गीगावाट (1,350 मेगावाट) की हाइब्रिड नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं और 800 मेगावाट की यूटिलिटी स्तर की सौर ऊर्जा परियोजनाएं शामिल हैं.


राज्य बिजली वितरण कंपनियों के लिए परियोजनाएं

इन परियोजनाओं का विकास महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (एमएसईडीसीएल) और गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (जीयूवीएनएल) जैसी प्रमुख राज्य बिजली वितरण कंपनियों के लिए किया जा रहा है। इन योजनाओं के तहत गुजरात और महाराष्ट्र में 3,000 मेगावाट से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता और 450 मेगावाट पवन ऊर्जा क्षमता विकसित की जाएगी। कंपनी ने कहा कि इस स्तर का वित्तपोषण और देश के प्रमुख वित्तीय संस्थानों की भागीदारी आवाडा समूह की कार्यप्रणाली, अनुशासित परियोजना क्रियान्वयन, परिसंपत्तियों की गुणवत्ता और दीर्घकालिक विकास रणनीति पर वित्तीय संस्थानों के विश्वास को दर्शाती है.


आवाडा समूह के चेयरमैन का बयान

आवाडा समूह के चेयरमैन विनीत मित्तल ने कहा, "इन नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 1.3 अरब डॉलर से अधिक की वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित करना आवाडा समूह के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हमारी हाइब्रिड परियोजनाएं बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता और ग्रिड की स्थिरता को बढ़ाने के लिए तैयार की गई हैं, जबकि हमारी सौर परियोजनाएं महाराष्ट्र और गुजरात को दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौतों के तहत किफायती और स्वच्छ बिजली उपलब्ध कराएंगी."