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इंडिगो के नए विमानों के ऑर्डर पर 2030 में होगा निर्णय

इंडिगो के प्रबंध निदेशक राहुल भाटिया ने घोषणा की है कि कंपनी 2030 में नए विमानों के ऑर्डर पर निर्णय लेगी। नई पीढ़ी के विमानों के विकास का आकलन करने के बाद, इंडिगो नई तकनीक को अपनाने में अग्रणी बनना चाहती है। वर्तमान में, कंपनी के पास 440 से अधिक विमान हैं और यह 140 से अधिक गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित करती है। जानें कि कैसे इंडिगो अपनी विमानन रणनीति को विकसित कर रही है और भविष्य में क्या योजनाएं हैं।
 

इंडिगो का भविष्य: नई पीढ़ी के विमानों की योजना

(फाइल फोटो के साथ) नयी दिल्ली, 31 जुलाई: भारत की प्रमुख विमानन कंपनी इंडिगो के प्रबंध निदेशक राहुल भाटिया ने बताया कि कंपनी वर्ष 2030 में नए विमानों के ऑर्डर पर निर्णय लेगी, जो नई पीढ़ी के विमानों के विकास का आकलन करने के बाद होगा। इंडिगो नई तकनीक को अपनाने में अग्रणी बनना चाहती है। यह कंपनी अगले महीने अपने परिचालन के 20 वर्ष पूरे करने जा रही है, जब उसने 2006 में एक ही प्रकार के विमानों के साथ सेवाएं शुरू की थीं।


वर्तमान में, इंडिगो के पास 440 से अधिक विमान हैं और यह 140 से अधिक गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित करती है। एयरबस ए350-900 सहित, कंपनी ने 900 से अधिक विमानों का ऑर्डर दिया है, जिनकी आपूर्ति 2035 तक होने की उम्मीद है। भाटिया ने कहा, "हमने थोड़ा इंतजार करने का निर्णय लिया है ताकि यह देख सकें कि नई पीढ़ी के विमान कब और किसके द्वारा पेश किए जाते हैं।"


नई पीढ़ी के विमानों से तात्पर्य ऐसे विमानों से है, जिनमें उन्नत तकनीक का उपयोग होता है और जो कम उत्सर्जन करते हैं। इंडिगो ने ए350-900 विमानों का अपना ऑर्डर बढ़ाकर 60 कर दिया है, और इसके पास 40 और विमानों को खरीदने का विकल्प भी है।


इन विमानों की आपूर्ति 2028 से शुरू होने की संभावना है, जिससे कंपनी लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का विस्तार कर सकेगी। घरेलू विमानन बाजार में 66 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखने वाली इंडिगो के बेड़े में ए320 श्रृंखला के विमान, एटीआर टर्बोप्रॉप विमान और नॉर्वे की नॉर्स अटलांटिक से पट्टे पर लिए गए पांच बोइंग 787 ड्रीमलाइनर शामिल हैं। भविष्य में विमानों के ऑर्डर के बारे में पूछे जाने पर भाटिया ने कहा, "मेरा मानना है कि 2035 तक हमारी स्थिति काफी मजबूत होगी।"


भाटिया ने कहा कि आने वाले वर्षों में परिस्थितियों में बदलाव को देखेंगे। इंडिगो के सह-संस्थापक ने यह भी बताया कि कम लागत और टिकाऊ विकास कंपनी की विमान बेड़ा रणनीति के मुख्य आधार बने रहेंगे। उन्होंने कहा, "नई तकनीक आने पर हम उसे अपनाने वाली शुरुआती कंपनियों में शामिल होना चाहते हैं। इससे हमारी लागत संरचना में सुधार होगा और हम पर्यावरण के अनुकूल विमानन कंपनी बन सकेंगे।"