इंडिगो में नई नियुक्तियों से प्रबंधन में बदलाव, आलोक सिंह बने मुख्य रणनीति अधिकारी
इंडिगो में प्रबंधन में बदलाव
देश की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो में हाल के दिनों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहे हैं। प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए लगातार नई नियुक्तियां और निर्णय लिए जा रहे हैं।
आलोक सिंह की नियुक्ति
इंडिगो ने एयर इंडिया एक्सप्रेस के पूर्व प्रमुख आलोक सिंह को नया मुख्य रणनीति अधिकारी नियुक्त किया है। वे 6 अप्रैल से अपने कार्यभार को संभालेंगे। यह नियुक्ति उस समय की गई है जब कंपनी हाल ही में एक बड़े परिचालन संकट का सामना कर रही है और अपनी रणनीति को पुनः मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
सीईओ का इस्तीफा
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीटर एल्बर्स ने 10 मार्च 2026 से अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनका यह निर्णय दिसंबर 2025 में आए गंभीर परिचालन संकट के बाद लिया गया, जिसने कंपनी की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए।
उड़ानों में रद्दीकरण और देरी
इस संकट के दौरान देशभर में हजारों उड़ानें रद्द और विलंबित हुईं, जिससे यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। यह मामला सरकार और नियामक संस्थाओं का ध्यान भी आकर्षित कर चुका है।
अंतरिम प्रबंधन
वर्तमान में, कंपनी के प्रबंध निदेशक राहुल भाटिया अंतरिम रूप से जिम्मेदारी निभा रहे हैं और आगे की व्यवस्था होने तक संचालन की निगरानी करेंगे।
दिसंबर 2025 का संकट
दिसंबर 2025 में, कंपनी को 3 से 5 दिसंबर के बीच 2500 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि लगभग 1800 उड़ानें देरी से संचालित हुईं। इस दौरान तीन लाख से अधिक यात्री प्रभावित हुए। यह समस्या पायलटों के कार्य समय से जुड़े नए नियमों को लागू करने में आई कठिनाइयों के कारण उत्पन्न हुई।
नियामक कार्रवाई
इस पूरे मामले के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कड़ी कार्रवाई की। नियामक ने कंपनी के शीतकालीन कार्यक्रम में 10 प्रतिशत की कटौती की और बाद में 22 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना भी लगाया। इसके साथ ही, कंपनी से 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा कराने को कहा गया, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।