☰
×

इंडियन बैंक का इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग ढांचे के लिए 100 करोड़ रुपये का ऋण लक्ष्य

इंडियन बैंक ने इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती स्वीकार्यता को देखते हुए चार्जिंग ढांचे के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का ऋण देने की योजना बनाई है। इस योजना का उद्देश्य सूक्ष्म और लघु उद्यमों में उद्यमिता को बढ़ावा देना और हरित परिवहन को सुदृढ़ करना है। अधिक जानकारी के लिए पढ़ें।
 

इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए वित्तीय सहायता

नई दिल्ली, एक नवंबर: देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बढ़ती लोकप्रियता के चलते, इंडियन बैंक ने चालू वित्त वर्ष में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग ढांचे के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का ऋण प्रदान करने का लक्ष्य रखा है। यह सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक हरित परिवहन क्षेत्र में बढ़ते अवसरों का लाभ उठाने की योजना बना रहा है। इस उद्देश्य के लिए, बैंक ने 'इंड ग्रीन चार्ज' नामक एक विशेष वित्तपोषण योजना की शुरुआत की है।


इस योजना के तहत, सार्वजनिक उपयोग, निजी उपयोग और वाहनों के बेड़े के लिए चार्जिंग केंद्रों की स्थापना के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुविधा स्वतंत्र और फ्रेंचाइजी दोनों प्रकार के कारोबारी मॉडल के तहत उपलब्ध होगी। इंडियन बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बिनोद कुमार ने बताया कि इस योजना के तहत अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक का ऋण दिया जाएगा।


इस ऋण की अधिकतम अवधि आठ वर्ष होगी। उन्होंने कहा कि बैंक ने चालू वित्त वर्ष के शेष पांच महीनों में 100 करोड़ रुपये और अगले वित्त वर्ष में 250 करोड़ रुपये के ऋण वितरण का लक्ष्य रखा है। इस योजना का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों में उद्यमिता को बढ़ावा देना, नए रोजगार के अवसर उत्पन्न करना और देश में हरित परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करना है।


समाचारों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 29.7 प्रतिशत बढ़कर 26.59 लाख इकाई तक पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, भारत में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग केंद्रों का बाजार वर्ष 2025 में 6,139 करोड़ रुपये से बढ़कर 2030 तक 21,940 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। बिनोद कुमार ने कहा कि इंडियन बैंक का मानना है कि ईवी चार्जिंग ढांचा कर्ज देने के लिए न केवल व्यावसायिक दृष्टि से व्यावहारिक है, बल्कि यह एक हरित वित्तपोषण पहल भी है।