इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट: 88 देशों ने किया घोषणापत्र पर हस्ताक्षर
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का वैश्विक समर्थन
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के घोषणापत्र पर कुल 88 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, चीन, डेनमार्क और जर्मनी शामिल हैं। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को यह जानकारी दी। यह सम्मेलन कृत्रिम मेधा (एआई) के प्रभावों पर वैश्विक समर्थन को दर्शाता है। इस घोषणा का मूल सिद्धांत 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' है, जिसका अर्थ है सबके कल्याण और खुशी के लिए।
दिल्ली घोषणा पर चर्चा
वैष्णव ने संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मानव-केंद्रित एआई की दृष्टि को वैश्विक स्तर पर स्वीकार किया गया है। सभी देशों ने एआई संसाधनों, सेवाओं और प्रौद्योगिकी को समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाने का लक्ष्य स्वीकार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि आर्थिक वृद्धि के साथ सामाजिक भलाई को संतुलित करने पर जोर दिया जा रहा है।
सुरक्षा और नवाचार पर ध्यान
मंत्री ने कहा कि केवल आर्थिक वृद्धि ही नहीं, बल्कि सामाजिक सामंजस्य पर भी ध्यान देना आवश्यक है। सुरक्षा और भरोसा इस योजना के केंद्र में हैं और इन्हें मुख्य बिंदुओं में शामिल किया गया है। घोषणापत्र में नवाचार और मानव संसाधन विकास पर भी जोर दिया गया है।
सम्मेलन में भागीदारी
इस सम्मेलन में भाग लेने वाले अधिकांश देशों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जिनमें अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, चीन, डेनमार्क, मिस्र, इंडोनेशिया और जर्मनी शामिल हैं। एआई इम्पैक्ट समिट में एआई से संबंधित बुनियादी ढांचे के लिए 250 अरब डॉलर से अधिक का निवेश सुनिश्चित किया गया। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, 18-19 फरवरी को आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का समापन 'नई दिल्ली घोषणा' को अंगीकार किए जाने के साथ हुआ।
अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन
इस घोषणा पर हस्ताक्षर करने वाले देशों में अमेरिका, चीन, ब्रिटेन, रूस, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, भूटान, ब्राजील, कनाडा, डेनमार्क, एस्टोनिया, इथियोपिया, जापान, इटली, इजराइल और आयरलैंड शामिल हैं। अन्य समर्थन देने वाले देशों में इंडोनेशिया, ईरान, हंगरी, यूनान, जर्मनी, फिनलैंड, मेक्सिको, म्यांमार, नेपाल, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, नॉर्वे, ओमान, फिलीपींस, पेरू, रोमानिया, रवांडा, सेनेगल, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, स्पेन, श्रीलंका, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, तंजानिया, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और यूक्रेन शामिल हैं। इसके अलावा, यूरोपीय संघ (ईयू) और अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष (आईएफएडी) ने भी इस घोषणा का समर्थन किया है।
सम्मेलन की सफलता
वैष्णव ने कहा कि इस सम्मेलन में पांच लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया, जो भारत की एआई पहल में घरेलू और वैश्विक रुचि को दर्शाता है। प्रदर्शनी में पांच लाख से अधिक आगंतुकों ने भाग लिया, जिन्होंने बहुत कुछ सीखा और दुनिया भर के विशेषज्ञों के साथ बातचीत की। कई स्टार्टअप को अपने काम को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। कुल मिलाकर, चर्चाओं की गुणवत्ता अद्भुत थी।