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इंफोसिस ने अमेरिकी कंपनियों का अधिग्रहण कर बढ़ाई वैश्विक उपस्थिति

इंफोसिस ने अपने सह-संस्थापक नारायण मूर्ति के नेतृत्व में दो प्रमुख अमेरिकी कंपनियों का अधिग्रहण किया है। इस कदम का उद्देश्य क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में अपनी क्षमताओं को बढ़ाना है। यह अधिग्रहण कंपनी की वैश्विक उपस्थिति को मजबूत करेगा और स्वास्थ्य सेवा तथा बीमा क्षेत्रों में उसकी पकड़ को और मजबूत बनाएगा। जानें इस अधिग्रहण के पीछे की रणनीति और इसके संभावित प्रभाव।
 

इंफोसिस का नया अधिग्रहण

नई दिल्ली। आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी 'इंफोसिस' के सह-संस्थापक 'नारायण मूर्ति' ने वैश्विक बाजार में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए दो महत्वपूर्ण अमेरिकी कंपनियों का अधिग्रहण किया है। इस रणनीतिक निर्णय का मुख्य उद्देश्य क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में अपनी क्षमताओं को बढ़ाना है। इन अधिग्रहणों के माध्यम से, इंफोसिस अमेरिकी बाजार में अपनी उपस्थिति को बढ़ाने और स्थानीय ग्राहकों को उच्चतम तकनीकी समाधान प्रदान करने की योजना बना रही है। यह निवेश कंपनी के भविष्य के विकास के लिए एक 'मील का पत्थर' साबित होगा और वैश्विक आईटी सेवाओं की प्रतिस्पर्धा में इसे बढ़त दिलाएगा।


'नारायण मूर्ति' ने फ्लोरिडा में स्थित एक प्रमुख हेल्थकेयर आईटी और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन परामर्श फर्म 'Optimum Healthcare IT' को खरीदा है, जो अस्पतालों और स्वास्थ्य प्रणालियों के लिए डिजिटल समाधान प्रदान करती है। इसके अलावा, उन्होंने एक बीमा परामर्श तकनीकी कंपनी 'Stratus Global LLC' का भी अधिग्रहण किया है, जो विशेष रूप से संपत्ति और दुर्घटना (P&C) बीमा क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन पर केंद्रित है।


'इंफोसिस' इन दोनों कंपनियों के अधिग्रहण पर लगभग ₹4,670 करोड़ खर्च करेगी। 'Optimum Healthcare IT' के लिए सौदा $465 मिलियन और 'Stratus' के अधिग्रहण की कीमत $95 मिलियन तक निर्धारित की गई है। यह सौदा पूरी तरह से नकद होगा और वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही तक पूरा होने की उम्मीद है।


अधिग्रहण का उद्देश्य

इस पहल से 'इंफोसिस' की स्वास्थ्य सेवा और बीमा क्षेत्रों में और अधिक मजबूत पकड़ बनेगी। इन कंपनियों की क्षमताओं को इंफोसिस के अपने प्लेटफॉर्म Infosys Topaz (AI) और Infosys Cobalt (Cloud) के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि ग्राहकों को बेहतर सेवाएं प्रदान की जा सकें। इन दोनों कंपनियों के अधिग्रहण की घोषणा के बाद शेयर बाजार में हलचल देखी गई और इंफोसिस के ADRs (American Depositary Receipts) में वृद्धि दर्ज की गई।