इन्फोसिस के तिमाही परिणाम: मुनाफा 6% बढ़कर ₹7,823 करोड़
इन्फोसिस के वित्तीय परिणाम
इन्फोसिस, एक प्रमुख आईटी कंपनी, ने सितंबर 2026 में समाप्त हुई तिमाही के वित्तीय परिणामों की घोषणा की है। इस तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 6% बढ़कर ₹7,823 करोड़ हो गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह ₹7,364 करोड़ था। ऊर्जा और उपयोगिता क्षेत्र में ग्राहकों की बढ़ती मांग और एआई से संबंधित सेवाओं पर खर्च में वृद्धि को इस सकारात्मक प्रदर्शन का मुख्य कारण माना जा रहा है.
राजस्व में वृद्धि
कंपनी की ऑपरेशनल आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में इन्फोसिस का कुल राजस्व 11% बढ़कर ₹49,244 करोड़ हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह ₹44,490 करोड़ था। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि तकनीकी सेवाओं की मांग और बड़े कारोबारी सौदों से कंपनी को लाभ मिल रहा है.
लाभांश की घोषणा
इन्फोसिस के निदेशक मंडल ने शेयरधारकों के लिए ₹26 प्रति शेयर का अंतरिम लाभांश घोषित किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13% अधिक है। लाभांश का निर्धारण करने की तिथि 3 नवंबर 2026 है, और इसका भुगतान 11 नवंबर 2026 को किया जाएगा. अंतरिम लाभांश का अर्थ है कि कंपनी वित्त वर्ष के अंतिम परिणामों से पहले ही अपने शेयरधारकों को लाभ का एक हिस्सा देती है.
बड़े सौदों की प्राप्ति
कंपनी के CEO सलिल पारेख ने बताया कि दूसरी तिमाही में इन्फोसिस को 5.2 अरब डॉलर के बड़े सौदों की प्राप्ति हुई है, जिसमें 2 अरब डॉलर से अधिक का एक प्रमुख सौदा भी शामिल है। यह दर्शाता है कि वैश्विक ग्राहकों का कंपनी पर भरोसा बढ़ रहा है.
एआई सेवाओं का योगदान
पारेख ने यह भी बताया कि कंपनी की कुल आय में एआई से संबंधित सेवाओं का योगदान 10.5% रहा, और इन सेवाओं से होने वाली आय में पिछले तिमाही की तुलना में 29% की वृद्धि हुई है। इन्फोसिस वैश्विक कंपनियों को एआई रणनीतियों में सलाह देने के लिए निवेश कर रही है.
मार्जिन और नकदी प्रवाह
कंपनी के CFO जयेश संघराजका ने बताया कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद, दूसरी तिमाही में ऑपरेटिंग लाभ का मार्जिन 21% रहा। लागत नियंत्रण और कार्यकुशलता में सुधार से कंपनी ने यह स्तर बनाए रखा है. उनका यह भी कहना था कि कंपनी का मुक्त नकदी प्रवाह 928 मिलियन डॉलर रहा, जो शुद्ध मुनाफे का 113.3% है.
भविष्य की संभावनाएं
वैश्विक आईटी कंपनियों के लिए एआई अब विकास का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बन चुका है। इन्फोसिस के परिणाम यह दर्शाते हैं कि बड़े सौदों, तकनीकी सेवाओं की मांग और लागत नियंत्रण पर कंपनी का ध्यान केंद्रित है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर होगी कि क्या कंपनी आने वाली तिमाहियों में इसी गति से आय और मुनाफे में वृद्धि जारी रख पाएगी.