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इन्फोसिस ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए

इन्फोसिस ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी ने लाभ और आय में वृद्धि दर्ज की है। हालांकि, वैश्विक बाजार की मांग में कमी के कारण आय वृद्धि के अनुमान को संशोधित किया गया है। कंपनी के सीईओ ने एआई सेवाओं के महत्व पर जोर दिया है, जबकि वित्तीय सेवाएं सबसे बड़ा कारोबार क्षेत्र बनी हुई हैं। जानें इस रिपोर्ट में और क्या खास है।
 

इन्फोसिस के तिमाही परिणाम

भारत की प्रमुख आईटी कंपनी इन्फोसिस ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के परिणामों की घोषणा की है। इस अवधि में कंपनी ने लाभ और आय दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि की है। हालांकि, पूरे वित्त वर्ष के लिए आय वृद्धि के अनुमान के ऊपरी स्तर को संशोधित किया गया है, जो दर्शाता है कि वैश्विक बाजार में मांग अभी भी पूरी तरह से मजबूत नहीं है।




जानकारी के अनुसार, अप्रैल से जून 2026 की तिमाही में इन्फोसिस का समेकित शुद्ध लाभ 12 प्रतिशत बढ़कर 7,769 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 6,921 करोड़ रुपये था। इसी अवधि में कंपनी की परिचालन आय 14 प्रतिशत बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर प्रदर्शन है।




कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए स्थिर मुद्रा के आधार पर आय वृद्धि का अनुमान 1.5 प्रतिशत से 3 प्रतिशत के बीच रखा है। पहले इसका ऊपरी स्तर अधिक था, लेकिन वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और ग्राहकों की धीमी निवेश रणनीति को देखते हुए इसे संशोधित किया गया है। परिचालन लाभ मार्जिन का अनुमान 20 से 22 प्रतिशत के बीच बरकरार रखा गया है।




कंपनी का परिचालन लाभ बढ़कर 10,163 करोड़ रुपये हो गया, और परिचालन लाभ मार्जिन 21.1 प्रतिशत रहा। इन्फोसिस ने बताया कि पहली तिमाही में एआई आधारित सेवाओं से कुल आय का 8.2 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त हुआ। इसके अलावा, बड़े कारोबारी समझौतों का कुल मूल्य 3.6 अरब डॉलर रहा, जिसमें 61 प्रतिशत नए कारोबार शामिल हैं।




कंपनी के सीईओ सलील पारेख ने कहा कि एआई से जुड़े समाधान अब सीधे कारोबार में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में कंपनी की रणनीति ग्राहकों का विश्वास बढ़ाने और बाजार हिस्सेदारी को मजबूत करने में सहायक हो रही है।




मुख्य वित्त अधिकारी जयेश संघराजका ने कहा कि चुनौतीपूर्ण कारोबारी माहौल के बावजूद कंपनी ने बेहतर लाभ और मजबूत नकदी प्रवाह बनाए रखा है। उन्होंने बताया कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एआई, नई तकनीक, कर्मचारियों के कौशल विकास और डिजिटल प्लेटफार्मों में निवेश बढ़ाया जा रहा है।




वित्तीय सेवाएं कंपनी का सबसे बड़ा कारोबार क्षेत्र बनी हुई हैं, जिससे कुल आय का लगभग 28 प्रतिशत हिस्सा आया। जीवन विज्ञान क्षेत्र में 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि खुदरा कारोबार में हल्की गिरावट देखी गई।




कंपनी के कर्मचारियों की कुल संख्या जून के अंत तक 3,28,062 रही। इसके अलावा, इन्फोसिस ने घोषणा की है कि आशीष कुमार दाश एक अप्रैल 2027 से सलील पारेख की जगह नए प्रबंध निदेशक और सीईओ का पद संभालेंगे, बशर्ते सभी आवश्यक मंजूरियां समय पर मिल जाएं।