इमरजेंसी फंड: वित्तीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण साधन
इमरजेंसी फंड का महत्व
मुंबई: वर्तमान समय में नौकरी, व्यवसाय और आमदनी किसी भी समय प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में 'इमरजेंसी फंड' हर व्यक्ति की वित्तीय योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। यह फंड आपको अचानक आने वाली आर्थिक समस्याओं से निपटने में मदद करता है, जिससे आपको कर्ज लेने या निवेश को तोड़ने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
इमरजेंसी फंड वह राशि होती है, जिसे विशेष रूप से आपात स्थितियों के लिए अलग रखा जाता है। जैसे कि अचानक नौकरी का चले जाना, चिकित्सा आपात स्थिति, परिवार में कोई बड़ा खर्च, या व्यवसाय में नुकसान। यह पैसा आपके नियमित खर्चों या निवेश के लिए नहीं होता, बल्कि केवल संकट के समय के लिए सुरक्षित रखा जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जीवन में अनिश्चितताएं कभी भी आ सकती हैं। यदि आपके पास इमरजेंसी फंड नहीं है, तो आपको ऐसे समय में क्रेडिट कार्ड, व्यक्तिगत ऋण या दोस्तों-रिश्तेदारों से मदद लेनी पड़ सकती है। इससे आपकी आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है और मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है। वहीं, इमरजेंसी फंड आपको आत्मनिर्भर बनाता है और यह विश्वास दिलाता है कि कठिन समय में आपके पास तुरंत उपलब्ध धन है।
आजकल चिकित्सा खर्च तेजी से बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य बीमा के बावजूद कई बार आपको अपनी जेब से खर्च करना पड़ता है। इसी तरह, नौकरीपेशा लोगों के लिए नौकरी का चले जाना, फ्रीलांसरों या व्यवसायियों के लिए आय का रुक जाना एक बड़ी चुनौती हो सकती है। इन सभी परिस्थितियों में इमरजेंसी फंड आपकी पहली सुरक्षा बनता है।
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि इमरजेंसी फंड बनाना कठिन नहीं है, बस इसके लिए अनुशासन की आवश्यकता है। सबसे पहले, अपने मासिक आवश्यक खर्चों की सूची बनाएं, जैसे किराया, राशन, बिजली-पानी, स्कूल फीस और ईएमआई। इसके बाद, तय करें कि हर महीने अपनी आय का एक हिस्सा, चाहे वह छोटा ही क्यों न हो, अलग रखेंगे। आप चाहें तो वेतन आते ही यह राशि अलग खाते में ट्रांसफर कर सकते हैं। शुरुआत में छोटी राशि से शुरू करें और धीरे-धीरे इसे बढ़ाते जाएं।
विशेषज्ञों के अनुसार, इमरजेंसी फंड ऐसी जगह होना चाहिए जहां से पैसा तुरंत निकाला जा सके और जोखिम भी न हो। इसके लिए बचत खाता, लिक्विड म्यूचुअल फंड या शॉर्ट-टर्म फिक्स्ड डिपॉज़िट अच्छे विकल्प माने जाते हैं। शेयर बाजार या लंबी अवधि के निवेश इसके लिए सही नहीं होते।
आम तौर पर वित्तीय विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इमरजेंसी फंड आपके कम से कम 6 महीने के आवश्यक खर्चों के बराबर होना चाहिए। यदि आपकी नौकरी या आय स्थिर नहीं है, तो यह राशि 9 से 12 महीने के खर्च तक भी रखी जा सकती है।