ई20 पेट्रोल से आयात में कमी और आत्मनिर्भरता बढ़ाने की संभावना: ओएनजीसी
ओएनजीसी का ई20 पेट्रोल पर बयान
ओएनजीसी के निदेशक (अन्वेषण) ओम प्रकाश सिन्हा ने सोमवार को बताया कि ई20 पेट्रोल का उपयोग आयात में कमी लाने और आत्मनिर्भरता को बढ़ाने में सहायक हो सकता है। अहमदाबाद में ओएनजीसी इंस्टीट्यूट ऑफ रिजर्वायर स्टडीज में आयोजित इंडिया एनर्जी वीक (आईईडब्ल्यू) 2027 के ‘कर्टन रेजर’ कार्यक्रम में उन्होंने कहा, ‘‘ई20 पेट्रोल एक चुनौती है, लेकिन प्रौद्योगिकी के माध्यम से इसका समाधान संभव है। वर्तमान में हम लगभग 90 प्रतिशत आयात करते हैं।
यदि हम उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की कठिनाई के बिना 20 प्रतिशत एथनॉल का सफल मिश्रण कर लेते हैं, तो आयात में महत्वपूर्ण कमी आएगी और आत्मनिर्भरता में वृद्धि होगी।’’ कार्यक्रम का मुख्य आयोजन कोलकाता में हुआ था, जबकि अहमदाबाद का कार्यक्रम ऑनलाइन जुड़ा था। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आईईडब्ल्यू 2027 का आयोजन 28 से 31 जनवरी तक कोलकाता के न्यू टाउन कन्वेंशन सेंटर में होगा।
सिन्हा ने आगे कहा कि भारत में ऊर्जा की मांग विश्व में सबसे अधिक है, जिससे ऊर्जा संबंधी समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा के लिए आईईडब्ल्यू एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण देश विदेशी स्रोतों पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहे हैं। सिन्हा ने कहा, ‘‘युद्ध के कारण सभी देश समझते हैं कि हमें विदेशी देशों पर निर्भरता को कम करना चाहिए।
हमें केवल एक विकल्प पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि कई विकल्पों का होना आवश्यक है। यदि एक रास्ता बंद हो जाता है, तो हमारे पास वैकल्पिक रास्ते होने चाहिए, ताकि लोगों की आवश्यकताएं प्रभावित न हों।
इस दिशा में पहले से ही प्रयास किए जा रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि ओएनजीसी गहरे पानी वाले क्षेत्रों और कम खोजे गए क्षेत्रों में घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। विज्ञप्ति के अनुसार, आईईडब्ल्यू 2027 में 75,000 से अधिक ऊर्जा क्षेत्र के पेशेवरों और 700 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शकों के शामिल होने की उम्मीद है। यह नवाचार प्रदर्शित करने, रणनीतिक संवाद को बढ़ावा देने और दीर्घकालिक साझेदारी बनाने के लिए एक बड़ा मंच प्रदान करेगा।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के संरक्षण में और फेडरेशन ऑफ इंडियन पेट्रोलियम इंडस्ट्री (एफआईपीआई) द्वारा आयोजित आईईडब्ल्यू भारत का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा मंच बन चुका है। इसमें वैश्विक ऊर्जा मूल्य श्रृंखला से जुड़े नीति निर्माता, कारोबारी, नवोन्मेषक और निवेशक शामिल होते हैं। कार्यक्रम में ऊर्जा सुरक्षा, किफायती होना, स्थिरता, कार्बन उत्सर्जन में कमी और तकनीकी नवाचार जैसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
विज्ञप्ति के अनुसार, आईईडब्ल्यू 2027 में नवीकरणीय ऊर्जा, हाइड्रोजन, जैव ईंधन, एलएनजी, सिटी गैस वितरण, पेट्रोरसायन, डिजिटलीकरण और कृत्रिम मेधा (एआई), मेक इन इंडिया तथा शुद्ध शून्य समाधान जैसे प्रमुख क्षेत्रों को शामिल करने वाले विशेष सत्र भी होंगे। इनमें पारंपरिक और नए ऊर्जा परिवेश में उभरती प्रौद्योगिकियों तथा अवसरों को प्रदर्शित किया जाएगा।