ईडी ने बैंक धोखाधड़ी मामले में 3.66 करोड़ रुपये की बीमा पॉलिसियां जब्त की
प्रवर्तन निदेशालय की बड़ी कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बैंक धोखाधड़ी और धन शोधन के मामले में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए श्रीकांत भासी की 3.66 करोड़ रुपये मूल्य की दो निवेश आधारित जीवन बीमा पॉलिसियों को जब्त कर लिया है। जांच एजेंसी का मानना है कि ये संपत्तियां कथित अपराध से अर्जित धन से संबंधित हो सकती हैं। इससे पहले भी भारत और दुबई में कई संपत्तियों को कुर्क किया जा चुका है।
बीमा पॉलिसियों की कुर्की
आज, प्रवर्तन निदेशालय ने एक बार फिर से बैंक धोखाधड़ी और धन शोधन से जुड़े एक बड़े मामले में महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। भोपाल स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय ने लगभग 3.66 करोड़ रुपये के समर्पण मूल्य वाली दो जीवन बीमा पॉलिसियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। ये पॉलिसियां ज्यूरिख इंटरनेशनल लाइफ लिमिटेड में श्रीकांत भासी के नाम पर संचालित बताई गई हैं।
धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के अंतर्गत की गई है। यह मामला एडवांटेज ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड और उसके प्रवर्तक श्रीकांत भासी के खिलाफ चल रही जांच का हिस्सा है। ईडी ने अपनी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की थी।
कथित नुकसान और जांच
जांच एजेंसियों के अनुसार, एडवांटेज ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों पर भारतीय स्टेट बैंक को लगभग 1,266.63 करोड़ रुपये का कथित नुकसान पहुंचाने का आरोप है। यह नुकसान फर्जी व्यापारिक लेनदेन और दस्तावेजों में हेरफेर के माध्यम से पहुंचाया गया है।
फर्जी व्यापारिक सौदों का खुलासा
ईडी का कहना है कि जांच के दौरान यह पता चला कि कंपनी और उसके प्रवर्तकों ने कथित रूप से फर्जी व्यापारिक सौदों, चक्रीय लेनदेन, और व्यापारिक दस्तावेजों में हेरफेर कर वित्तीय अनियमितताओं को अंजाम दिया है। एजेंसी के अनुसार, अपराध से अर्जित धन को विभिन्न कंपनियों के माध्यम से अलग-अलग परिसंपत्तियों में निवेश किया गया है।
विदेश में बीमा पॉलिसियों की जानकारी
जांच के दौरान श्रीकांत भासी के नाम पर विदेश में संचालित दो निवेश आधारित जीवन बीमा पॉलिसियों की जानकारी मिली थी। जांच एजेंसी का दावा है कि इन पॉलिसियों में निवेश कथित रूप से विदेशी खातों और संबंधित संस्थाओं के जरिए किया गया था। इसी आधार पर इन्हें अपराध से अर्जित संपत्ति मानते हुए कुर्क करने की कार्रवाई की गई है।
धन के संभावित हस्तांतरण की आशंका
मौजूदा जानकारी के अनुसार, अप्रैल 2026 में श्रीकांत भासी ने इन दोनों बीमा पॉलिसियों को बंद कर उनकी राशि भारत स्थित अपने बैंक खाते में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था। ईडी का कहना है कि धन के संभावित हस्तांतरण और संपत्तियों के निपटान की आशंका को देखते हुए तत्काल कुर्की की कार्रवाई की गई है।
पहली कार्रवाई नहीं
यह इस मामले में पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले भी एजेंसी दुबई में स्थित लगभग 51.70 करोड़ रुपये मूल्य की नौ अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर चुकी है। इसके अलावा भारत में लगभग 111 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां भी पहले जब्त की जा चुकी हैं।
जांच जारी
ईडी का कहना है कि मामले की जांच अभी भी जारी है और कथित अपराध से अर्जित अन्य संपत्तियों की पहचान कर उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत कुर्क करने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। एजेंसी पूरे वित्तीय लेनदेन और धन के प्रवाह की गहराई से जांच कर रही है।