उबर ने डिलिवरी हीरो का अधिग्रहण कर वैश्विक खाद्य वितरण में बढ़ाई अपनी पहुंच
उबर का बड़ा कदम: डिलिवरी हीरो का अधिग्रहण
वैश्विक खाद्य वितरण क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ती जा रही है, और इसी संदर्भ में उबर ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कंपनी ने जर्मनी की प्रमुख खाद्य वितरण सेवा, डिलिवरी हीरो, को 14.8 अरब डॉलर में खरीदने की योजना बनाई है। इस अधिग्रहण के बाद, उबर ईट्स की सेवाएं 50 नए बाजारों में उपलब्ध होंगी, जिससे कंपनी की वैश्विक उपस्थिति और भी मजबूत होगी।
अधिग्रहण की डिटेल्स
उबर ने डिलिवरी हीरो के प्रत्येक शेयर के लिए 41.50 यूरो की पेशकश की है, जिसे कंपनी के निदेशक मंडल ने भी समर्थन दिया है। पिछले कुछ महीनों से दोनों कंपनियों के बीच बातचीत चल रही थी, और अब यह सौदा अंतिम चरण में पहुंच गया है।
उबर की हिस्सेदारी में वृद्धि
उबर ने हाल के समय में डिलिवरी हीरो में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई थी, जो अब लगभग 37 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। मई में, उबर ने पूरी कंपनी का अधिग्रहण करने का प्रस्ताव रखा था, जिसे डिलिवरी हीरो ने स्वीकार कर लिया।
बाजार में संभावनाएं
इस सौदे के बाद, उबर ईट्स की सेवाएं कुल 99 बाजारों में उपलब्ध होंगी। 2025 में इन बाजारों में 236 अरब डॉलर का कारोबार हुआ था, और नए 50 बाजारों में पिछले वर्ष लगभग 42 अरब डॉलर का कारोबार हुआ। इससे कंपनी को अपने वैश्विक कारोबार में महत्वपूर्ण वृद्धि की उम्मीद है।
सीईओ का बयान
उबर के सीईओ दारा खोसरोशाही ने कहा कि इस अधिग्रहण से कंपनी को परिवहन और खाद्य वितरण दोनों क्षेत्रों में विस्तार करने का अवसर मिलेगा। उनका मानना है कि बड़े स्तर पर कारोबार होने से ग्राहकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और निवेशकों के लिए भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
डिलिवरी हीरो का अन्य बाजारों में कारोबार
डिलिवरी हीरो अपने 14 अन्य बाजारों का कारोबार एसएसडब्ल्यू पार्टनर्स को भी बेचेगी, जिसमें ऑस्ट्रिया, नॉर्वे, स्वीडन और ग्रीस शामिल हैं। इन क्षेत्रों में उबर ईट्स पहले से मौजूद है, इसलिए यह कदम कारोबार के दोहराव से बचने के लिए उठाया जा रहा है।
प्रतिस्पर्धा का बढ़ता स्तर
वैश्विक खाद्य वितरण बाजार में हाल के वर्षों में कुछ बड़ी कंपनियों का वर्चस्व बढ़ता जा रहा है। उबर की प्रतिद्वंद्वी डोरडैश ने भी कई बड़ी कंपनियों का अधिग्रहण किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े स्तर पर कारोबार और अधिक बाजारों में मौजूदगी भविष्य की प्रतिस्पर्धा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
शेयर बाजार पर प्रभाव
इस घोषणा के बाद उबर के शेयरों में हल्की वृद्धि देखी गई है, हालांकि वर्ष 2026 की शुरुआत से कंपनी के शेयरों में गिरावट आई है। बाजार के जानकारों का कहना है कि स्वचालित वाहन तकनीक में बढ़ते निवेश और नई प्रतिस्पर्धा के कारण निवेशकों में चिंता बनी हुई है। अब निवेशकों की नजर कंपनी के आगामी तिमाही वित्तीय परिणामों और इस अधिग्रहण की प्रगति पर है।