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एनएमडीसी का लौह अयस्क उत्पादन बढ़ाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य

एनएमडीसी, भारत की प्रमुख लौह अयस्क उत्पादक कंपनी, इस वित्तीय वर्ष में अपने उत्पादन को छह करोड़ टन तक बढ़ाने की योजना बना रही है। कंपनी ने 2030-31 तक 10 करोड़ टन का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही, एनएमडीसी तापीय कोयले का उत्पादन भी शुरू करने जा रही है। जानें कंपनी की विस्तार योजनाएं और आर्थिक प्रदर्शन के बारे में।
 

एनएमडीसी का उत्पादन लक्ष्य

भारत की प्रमुख लौह अयस्क उत्पादक कंपनी एनएमडीसी इस वित्तीय वर्ष में अपने उत्पादन को बढ़ाकर छह करोड़ टन करने की योजना बना रही है। कंपनी के अध्यक्ष अमिताव मुखर्जी ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि घरेलू इस्पात उद्योग की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उत्पादन क्षमता में तेजी से विस्तार किया जा रहा है।


भविष्य की योजनाएं

एनएमडीसी ने राष्ट्रीय इस्पात नीति, 2017 के अनुसार वित्त वर्ष 2030-31 तक अपने लौह अयस्क उत्पादन को 10 करोड़ टन प्रति वर्ष तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 5 करोड़ टन से अधिक लौह अयस्क का उत्पादन किया है। मुखर्जी ने कहा, "हम मौजूदा खदानों से उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (एनसीएल) के संयुक्त उद्यम की संपत्तियों का भी उपयोग करेंगे।"


पर्यावरणीय मंजूरी और बुनियादी ढांचा

इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कुछ खनन क्षेत्रों में पर्यावरणीय मंजूरी के लिए आवेदन किया गया है, और कई स्थानों पर खनन से संबंधित बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। मुखर्जी ने कहा कि यह सालाना आधार पर 20 प्रतिशत की वृद्धि होगी। मौजूदा खदानों की क्षमता बढ़ाने के लिए कन्वेयर बेल्ट प्रणाली, क्रशर और ब्रेकर जैसी सुविधाओं की स्थापना के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं।


आर्थिक प्रदर्शन

एनएमडीसी की प्रमुख लौह अयस्क खनन परियोजनाएं छत्तीसगढ़ के बैलाडीला और कर्नाटक के डोनिमलाई क्षेत्र में स्थित हैं। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 31,554 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वित्त वर्ष के 23,668 करोड़ रुपये की तुलना में 33 प्रतिशत अधिक है। एनएमडीसी अब लौह अयस्क के अलावा अन्य खनिजों के कारोबार में भी विस्तार कर रही है।


तापीय कोयले का उत्पादन

कंपनी चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में तापीय कोयले का व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने की योजना बना रही है। एनएमडीसी का इस वित्तीय वर्ष में लगभग 10 लाख टन तापीय कोयला बेचने का लक्ष्य है। इसके अतिरिक्त, कंपनी वित्त वर्ष 2026-27 में कोकिंग कोयला खदान का विकास शुरू करने की योजना बना रही है, जिससे 2028 के आसपास उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है।