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एनएसई के आईपीओ में 15% की कटौती, निवेशकों के लिए नई जानकारी

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने अपने आईपीओ में 15% की कटौती की है, जिससे निवेशकों के लिए नया मूल्य दायरा 1,700-1,785 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया गया है। पहले इस आईपीओ का आकार लगभग 30,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान था, लेकिन अब यह 21,494 करोड़ रुपये से 22,569 करोड़ रुपये के बीच होगा। यह आईपीओ 17 सितंबर को खुलेगा और 21 सितंबर को बंद होगा। जानें इस आईपीओ से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ और निवेश के अवसर।
 

एनएसई के आईपीओ में बदलाव

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने अपने लंबे समय से प्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए जून में बाजार नियामक सेबी के समक्ष मसौदा प्रस्ताव (डीआरएचपी) प्रस्तुत किया। इस प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं, जिनमें से सबसे प्रमुख है निर्गम के आकार में लगभग 15 प्रतिशत की कमी। एनएसई ने बिक्री पेशकश (ओएफएस) के तहत बेचे जाने वाले शेयरों की संख्या को 14.9 करोड़ से घटाकर 12.64 करोड़ कर दिया है।


चूंकि यह आईपीओ पूरी तरह से ओएफएस पर आधारित है, इसलिए शेयरों की संख्या में कमी के कारण कुल निर्गम आकार भी घट गया है। एनएसई ने आईपीओ के लिए 1,700-1,785 रुपये प्रति शेयर का मूल्य दायरा निर्धारित किया है। इस मूल्य पर निर्गम के माध्यम से 21,494 करोड़ रुपये से 22,569 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है।


पहले इस आईपीओ का आकार लगभग 30,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान था। यदि ऊपरी मूल्य दायरे पर 22,569 करोड़ रुपये का निर्गम सफल होता है, तो यह 2024 में हुंदै मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ बन जाएगा। यह 2022 में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के 21,000 करोड़ रुपये के आईपीओ से भी बड़ा होगा।


एनएसई के आईपीओ का अनुमानित मूल्यांकन पहले के लगभग पांच लाख करोड़ रुपये से घटकर करीब 4.2 लाख करोड़ रुपये रह गया है। पहले एनएसई के शेयर का मूल्य 2,000-2,100 रुपये रहने का अनुमान था, लेकिन अब इसे 1,700-1,785 रुपये के दायरे में रखा गया है। निर्गम आकार में कमी मुख्य रूप से मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी बिक्री की योजनाओं में बदलाव के कारण हुई है।


भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अपनी प्रस्तावित बिक्री को 2.47 करोड़ से घटाकर 1.6 करोड़ शेयर कर दिया है। इसी तरह, एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड भी अब 1.1 करोड़ शेयरों की बिक्री करेगा। बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपनी बिक्री को 1.09 करोड़ से घटाकर 76.9 लाख शेयर कर दिया है।


जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने अपनी प्रस्तावित बिक्री को 1.06 करोड़ से घटाकर 61.87 लाख शेयर कर दिया है। नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने इसे 60 लाख से घटाकर 40 लाख शेयर किया है। हालांकि, कुछ शेयरधारकों ने अपनी बिक्री पेशकश को बरकरार रखा है।


कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड 1.18 करोड़ शेयर की बिक्री करेगा। अरांडा इन्वेस्टमेंट्स (मॉरीशस), न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने क्रमशः 1.12 करोड़, 1.05 करोड़ और 60 लाख शेयर की बिक्री का प्रस्ताव बरकरार रखा है। संशोधित दस्तावेजों में एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड को भी बिक्री करने वाले शेयरधारक के रूप में शामिल किया गया है।


हालांकि, इसका नाम डीआरएचपी में शामिल नहीं था। संभवतः मूल्य दायरा कम रखे जाने के कारण कुछ शेयरधारकों ने अपनी हिस्सेदारी बिक्री में कटौती की है। शायद उनका मानना है कि बाद में हिस्सेदारी बेचने पर उन्हें बेहतर मूल्यांकन मिल सकेगा।


यह आईपीओ 17 सितंबर को खुलेगा और 21 सितंबर को बंद होगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली 16 सितंबर को होगी। एनएसई के शेयर 24 सितंबर को शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की संभावना है।